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मंडी। राज्य में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर कैरियर बनाने में मदद मिल सके। यह उद्गार विधायक राजेश धर्माणी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद द्वारा आईआईटी कमांद में आयोजित 30 वीं राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।
धर्माणी ने कहा कि हिमाचल को कार्बन राज्य बनाने के लिए सार्थक कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए आम नागरिकों के साथ साथ विद्यार्थियों को भी जागरूक करना जरूरी है। राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों को विज्ञान प्रदर्शिनियों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए इससे विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान प्राप्त होने के साथ साथ विज्ञान विषय के प्रति दिलचस्पी भी बढ़ेगी। होगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद को विद्यार्थियों के लिए वेबसाइट निर्मित करने के लिए भी कहा गया ताकि विद्यार्थी विज्ञान से संबंधित प्रश्नों के उत्तर उपरोक्त वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकें। इससे पहले डॉ. एसएस रंधावा, प्रधान वैज्ञानिक अधिकारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बाल विज्ञान कांग्रेस के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर संयुक्त सचिव विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद के सचिव सतपाल धीमान ने बताया कि राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए 1986 से बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी में आयोजित चार दिवसीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 600 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इससे पहले विधायक राजेश धर्माणी ने बाल विज्ञान कांग्रेस में युवा वैज्ञानिकों द्वारा बनाए गए मॉडल का भी अवलोकन किया तथा विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार आईआईटी मंडी प्रो. सतिंदर शर्मा, हेड सीसीई (आईआईटी) मंडी डॉ. तुषार, गंगवीर चौधरी, वामन सिंह, लाल सिंह कौशल, स्थानीय पंचायत प्रधान कमांद भीम देव तथा विभिन्न स्कूलों के विज्ञान अध्यापक उपस्थित रहे।

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