शिमला। कोरोना को मात देने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक्शन मोड में आ गए हैं। दिल्ली से शिमला लौटते ही सुक्खू ने वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरन मुख्यमंत्री ने कई अहम मामलों पर फीड बैक लिया। उन्होंने अफसरों को जरूरी हिदायतें भी दी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिमला पहुंचते ही राज्य सचिवालय में पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लेकर मैराथन बैठक ली। रविवार के अवकाश होने के बावजूद सुक्खू ने मुख्य सचिव आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना और अन्य अधिकारियों को सचिवालय बुलाया। इस मौके पर वित्त विभाग ने ओल्ड पेंशन स्कीम पर लंबी प्रस्तुति दी।
CM ने यहां अधिकारियों से पूछा कि कर्मचारियों को ओपीएस देने के लिए किस तरह का प्रारूप बनाया गया है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब आदि में ओपीएस के तहत किस तरह से पेंशन दी जा रही है। हिमाचल में किस मॉडल को अपनाया जा सकता है। ऐसे तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने 28 दिसंबर को सचिवालय में एनपीएस कर्मचारियों के साथ प्रस्तावित बैठक में भी अधिकारियों को ठीक से एजेंडा बनाकर लाने के निर्देश दिए। सुक्खू ने इस मैराथन बैठक में पहली कैबिनेट के लिए एजेंडा तैयार करने के आदेश भी दिए हैं। कैबिनेट के गठन के बाद एकदम से इस बारे में फैसला लिया जाना है। सत्ता में आने से पहले ही कांग्रेस ने इस तरह की गारंटी दी थी।
