शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर ने रविवार को राज्य में खुले संस्थानों को बंद करने समेत कई मामलों पर कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूर्व सरकार द्वारा खोले गए संस्थानों को मौजूदा कांग्रेस सरकार बंद करने का तुगलकी फरमान जारी कर रही है। भाजपा इसके कानूनी पहलुओं को देख रही है और कोर्ट में इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल को भी मेमोरेंडम सौंपा है और इस संबंध में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। वे रविवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सीमेंट कारखानों के बंद होने और पेपर लीक मामले पर हमलावर रुख अपनाया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के 14 दिन के राज में ही प्रदेश की जनता सड़कों पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से तुगलकी फरमान जारी कर कांग्रेस सरकार ने संस्थानों को डी-नोटिफाई किया है उससे जनता में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसलों को कैबिनेट ही निरस्त कर सकती है, लेकिन यहां तो कैबिनेट अब तक बनी ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार हुआ जब चले हुए संस्थानों को बंद किया जा रहा है। इतना ही नहीं यह भी इतिहास ही हो गया है कि इतने दिनों के बाद भी सरकार कैबिनेट का गठन नहीं कर पाई, लेकिन कैबिनेट रैंक पहले ही दे दिए। उन्होंने कहा कि तीन लोगों को सरकार ने कैबिनेट रैंक देकर सचिवालय में तैनात कर दिया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के मीडिया एडवाइजर, जिनको मीडिया से को-ऑर्डिनेट करना चाहिए, वह प्रेस वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग में पेपर लीक मामले पर जिसमें सरकार को बोलना चाहिए, पुलिस अधिकारियों को बोलना चाहिए उस पर मीडिया एडवाइजर प्रेस वार्ता करके पूरा खुलासा कर रहे हैं जोकि आश्चर्य की बात है। उनका कहना था कि इससे जांच प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में हमें मार्गदर्शन देने वाले अब क्या कहेंगे और क्या करेंगे। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में दो सीमेंट उद्योग बंद हो गए हैं जिससे 30 हजार का रोजगार छिन गया है, लेकिन सरकार कोई हल नहीं निकाल पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी जानकारी मिली है कि सीमेंट उद्योग मालिकों से सरकार की ओर से ये कहा गया कि उन्होंने उनकी मदद तो की नहीं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से संविधान की धज्जियां उड़ा रही है। एसडीएम कार्यालय खोलने के फैसले के बाद इन कार्यालयों के खुले पर हाईकोर्ट की कमेटी न्यायिक शक्तियां प्रदान करने की अनुमति देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने कानून को ही हाथ में ले लिया। भाजपा इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करेगी, जिसकी राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं को डिनोटिफाई करने के मामले में विधायकों की कमेटी बनाने की बात सरकार कर रही है, मगर अभी तक विधायकों ने शपथ ही नहीं ली। उन्होंने कहा कि सरकार का रिव्यू का अधिकार है डी-नोटिफाई करने का नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 10 दिन के भीतर ओपीएस देने, 1500 रुपए देने और एक लाख रोजगार देने का वायदा किया था। मगर सरकार को बने 14 दिन हो चुके हैं। अब तक एक भी वायदा पूरा नहीं किया। उन्होंने इस आरोप को खारिज किया कि भाजपा सरकार ने बिना बजट के संस्थान खोले। उन्होंने कहा कि बाकायदा कैबिनेट से इसकी मंजूरी ली गई थी।
