शिमला। सूचना एवं जन संपर्क विभाग के प्रधान सचिव सुभासीष पन्डा ने मीडिया से नागरिकों में राष्ट्रीयता की भावना का और संचार करने तथा बेहतरी के लिए निरंतर सकारात्मक बदलाव लाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका बहुत अहम है। वर्तमान में तकनीक के उपयोग के साथ सूचना सम्प्रेषण में सुविधा और साधनों की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। वे बुधवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इस अवसर पर सुभासीष पन्डा ने कहा कि राष्ट्र को सशक्त बनाने में मीडिया के विभिन्न माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मीडिया द्वारा उभारे गए सकारात्मक विषयों से हर व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। उन्होंने कोविड महामारी के दौरान मीडिया द्वारा सूचनाओं के संप्रेषण तथा नागरिकों में राष्ट्र की क्षमता पर विश्वास बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस दौर में मीडिया ने लोगों में राहत, भरोसे एवं विश्वसनीयता की भावना विकसित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
पन्डा ने कहा कि बदलते परिदृश्य में मीडिया के समक्ष नई चुनौतियां भी सामने आई हैं और आधुनिकता एवं तकनीक के सही उपयोग के प्रति और अधिक सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज के सूचना एवं प्रौद्योगिकी के दौर में भी आपसी वार्तालाप उतना ही आवश्यक है क्योंकि इससे न केवल विचारों का आदान-प्रदान सुनिश्चित होता है, बल्कि आपस में अधिक जुड़ाव भी महसूस होता है। उन्होंने कहा कि मीडिया हमारे आस-पास घटित होने वाली घटनाओं एवं देश के बारे में हमारी समझ एवं चिंतन को एक नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में सूचना का प्रवाह बहुत बढ़ा है और सही सूचनाओं के संकलन में सकारात्मक सोच के साथ सचेत रहने की भी आवश्यकता है। उन्होंने मीडिया का राष्ट्र को एकजुट, सशक्त एवं प्रभावी बनाने में अपनी सार्थक भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।
इससे पूर्व, निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क कमल कांत सरोच ने मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय प्रेस दिवस के महत्व और अन्य विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर समाज के निर्माण में मीडिया का अहम योगदान होता है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ किए गए प्रयास राष्ट्र निर्माण में और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया किसी भी देश या समाज की वास्तविक स्थिति को रेखांकित करता है। सामाजिक घटनाओं और परिस्थितियों पर कड़ी नज़र रखने के साथ-साथ मीडिया सरकार एवं जनता के बीच एक अभिन्न कड़ी के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचनाएं प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि इससे कहीं अधिक जन चेतना का सृजन करना भी है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका के निर्वहन का आह्वान करते हुए कहा कि देश और समाज के निर्माण तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण एवं सार्थक है।
विचार-विमर्श सत्र के उपरांत संवाद सत्र का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक सूचना एवं जन संपर्क आरती गुप्ता, संयुक्त निदेशक प्रदीप कंवर, विभिन्न मीडिया संस्थानों के संपादक, वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि और सूचना एवं जन संपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
