शिमला। केरल, तमिलनाडु और हरियाणा में टोमेटो फ्लू के मामले सामने आने के बाद हिमाचल सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। केंद्र द्वारा जारी दिशानिर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को एडवाइजरी जारी कर दी है।
इस एडवाइजरी में उन्हें लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करने को कहा है। इस बीमारी से बचने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन को आगे इन्हें सर्कुलेट कर दिया गया है। वहीं, लोगों को भी इस बीमारी की पहचान करवाने को कहा गया है, ताकि बीमारी का समय रहते पता चल सके और बच्चों का इलाज शुरू हो सके।
स्वास्थ्य विभाग ने टोमेटो फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है। बच्चों को इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने को कहा है। एक-दूसरे से हाथ मिलाने और गले मिलने से इस बीमारी के फैलने का खतरा ज्यादा बना हुआ है। इसलिए बच्चों को ऐसा करने से रोकने को कहा गया है। आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखने को कहा गया है।
टोमैटो फ्लू के लक्षण
इसके मुख्य लक्षणों में डिहाइड्रेशन, स्किन रैशेज, त्वचा में इरीटेशन या खुजली शामिल है, लेकिन इस वायरस से पीड़ित बच्चे के शरीर पर टमाटर जैसे चकत्ते और दाने, तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, जोड़ों में सूजन, पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त, खांसी, छींक और नाक बहनना, हाथ के रंग में बदलाव, मुंह सूखना, डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान और स्किन में जलन जैये लक्षण भी देखे जा सकते हैं।
टोमैटो फीवर से बचाव
यह एक प्रकार का दुर्लभ फ्लू है। इसलिए इससे संक्रमित बच्चों का इलाज भी फ्लू की तरह से किया जा रहा है। टोमैटो फ्लू के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। संक्रमित बच्चे को उबला हुआ साफ पानी पिलाएं, ताकि वह हाइड्रेटेड रह सके। फफोले या रैशेज पर खुजली करने से बच्चे को रोकें। गर्म पानी से नहाएं। संक्रमित बच्चे से दूरी बनाकर रखें। हेल्दी डाइट का सेवन करें।
एनएचएम के मिशन निदेशक हेमराज बेरवा ने कहा कि हालांकि यह बीमारी कम खतरनाक है और आराम करने पर बच्चा 5 से 7 दिन में ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए सभी सीएमओ को एडवाइजरी जारी कर दी गई है।
