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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के लाभार्थियों से बात करते हुए कहा कि 6 जनवरी को आरम्भ की गई यह योजना पारम्परिक हस्तकला, हस्तशिल्प, स्थानीय कलाकृतियों, लकड़ी व धातु शिल्प कलाओं को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्त युवाओं को लाभप्रद रोजगार प्रदान करने के लिए है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशिक्षकों को 7500 रुपये तथा प्रशिक्षणार्थियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि का समय तीन माह से एक वर्ष तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैच में अधिकतम पांच प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल न हमारी परम्परागत कलाएं, शिल्प और संस्कृति का पुनरुद्धार होगा, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बीते अढ़ाई वर्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक बीघा योजना कामयाब योजना साबित हुई है, क्योंकि इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए 3500 परिवारों ने अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होेंने ई-पंचायत में भी प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विभाग को बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना राज्य के चार जिलों के 18 खण्डों में आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम में काश्तकला, धातु शिल्प, मण्डी कलम, पत्थर शिल्प, बांस शिल्प, लकडी का शिल्प, चीड़ की पत्तियों के उत्पाद और मिट्टी के बर्तन बनाने का शिल्प आदि शामिल किए गए हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान केवल ग्रामीण आर्थिकी ही अपने आप को बचा पाई है, जिससे इस तथ्य पर पहुंचा जा सकता है कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में ही किसी भी प्रकार की परिस्थिति सेे निपटने के लिए मजबूत आधार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लाभान्वित करने के लिए ग्राम विकासोन्मुखी योजनाएं आरम्भ करने के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार की तलाश में शहरों की ओर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योजना से सम्बन्धित पोस्टर और सूचना पुस्तिका भी जारी की।

ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण आर्थिकी को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में गहन रूचि रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। सचिव ग्रामीण विकास डाॅ. संदीप भटनागर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।निदेशक ग्रामीण विकास ललित जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए योजना की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ. आरएन बत्ता व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे। 

By admin

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