कुल्लू। पुरा-दस्तावेजों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुरा-दस्तावेजनों की प्रदर्शनी आगामी 9 जून को कुल्लू के अटल सदन में लगेगी। प्रदर्शनी का उद्घाटन उपायुक्त आशुतोष गर्ग 9 जून को प्रातः 11 बजे करेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला भाषा अधिकारी सुनीला ठाकुर ने कहा कि हिमाचल राज्य अभिलेखागार की स्थापना वर्ष 1986 में भाषा एवं संस्कृति विभाग के तहत इस उद्देश्य से की गई कि हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक एवं लिखित धरोहर जो हिमाचल प्रदेश राज्य के गठन से पूर्व विभिन्न रियासतों, सामन्तों व उनके उतराधिकारियों तथा प्रशासनिक संस्थानों में बिखरी पड़ी थी, का एकत्रीकरण कर राज्य की लिखित धरोहर को संरक्षित किया जा सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला भाषा अधिकारी सुनीला ठाकुर ने कहा कि हिमाचल राज्य अभिलेखागार की स्थापना वर्ष 1986 में भाषा एवं संस्कृति विभाग के तहत इस उद्देश्य से की गई कि हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक एवं लिखित धरोहर जो हिमाचल प्रदेश राज्य के गठन से पूर्व विभिन्न रियासतों, सामन्तों व उनके उतराधिकारियों तथा प्रशासनिक संस्थानों में बिखरी पड़ी थी, का एकत्रीकरण कर राज्य की लिखित धरोहर को संरक्षित किया जा सके।
राज्य अभिलेखागार की इस 36 वर्षीय विकासात्मक यात्रा के अन्तराल में लगभग तीस हजार पुरा-अभिलेखों का संरक्षण किया जा चुका है। जिसके माध्यम से प्रत्येक वर्ष सैंकड़ों देश-प्रदेश से शोधकर्ता अपने शोध विषयों से सम्बन्धित शोध सहायता प्राप्त कर रहे हैं। यह कार्य निरन्तर जारी है तथा वर्तमान में प्रदेश सरकार की समस्त अभिलेख सर्जक सस्थानों में ऐतिहासिक दस्तावजों का निरीक्षण, चयन तथा हस्तांतरण जारी है।
उन्होंने कहा कि प्रादेशिक कानून एवं संहिताओं अनुसार कोई भी पुरालेख नष्ट करने से पूर्व राज्य अभिलेखागार की अनुमति आवश्यक है। इसलिए ‘अन्तर्राष्ट्रीय अभिलेखागार दिवस’ 9 जून, 2022 के उपलक्ष्य में इस बार उक्त लिखित धरोहर में से कुछ एक पुरा-दस्तावेजों की प्रदर्शनी ‘अटल सदन’ कुल्लू के प्रेक्षागृह में प्रातः 11ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक आयोजित की जा रही है। इस प्रदर्शनी के विषय से सम्बन्धित समस्त ऐतिहासिक विधिय जानकारी के बारे में उप-निदेशक (भाषा/अभिलेखागार) प्रेम प्रसाद पंडित से उनके मोबाइल नम्बर 94180-36936 से प्राप्त की जा सकती है।
