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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के चेयरमैन व स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच 90 दिन में पूरी कराने की मांग की। साथ ही प्रदेश में खनन, शराब व नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू व प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायकों ने अभी तक पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी न होने को लेकर जयराम सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। ज्ञापन सौंपने के बाद सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में भाजपा की पेपर लीक सरकार चल रही है। पेपर लीक होना पिछले साढ़े चार साल में चलन बन गया है। लाखों युवाओं के भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक ने सरकार की लचर कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। जयराम सरकार की नाक तले पुलिस के पास से पेपर लीक हो गया। हरियाणा, चंडीगढ़ व आसपास के दलालों ने लाखों रुपए में लगभग 2000 युवाओं को पेपर बेचा। पेपर बेचने वाले अभी तक गिरफ्त में नहीं आए हैं। इससे पहले 2019 में भी पुलिस भर्ती का पेपर लीक हो चुका है। जूनियर ऑफिस असिस्टेंट भर्ती का प्रश्न पत्र भी लीक हो गया था। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में आए दिन पेपर लीक हो रहे हैं।
सुक्खू ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि सरकार को निर्देश देकर सीबीआई जांच की अधिसूचना जल्द जारी करवाएं। पेपर लीक मामले की जांच 90 दिन में पूरी हो। साथ ही 15 अगस्त तक जारी पूरी कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। सीबीआई जांच समयबद्ध तरीके से होने पर ही पेपर लीक के मास्टरमाइंड सामने लाए जा सकते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को पेपर लीक, पेपर चोरी, पेपर बेचने इत्यादि के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा व बड़ा जुर्माना लगाने के लिए सख्त कानून बनाने के निर्देश जारी करें। इससे पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों में खौफ पैदा होगा। पेपर बेचने व लीक करने वालों के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान किया जाए।
सुक्खू ने कहा कि पेपर लीक मामले में शामिल पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी नौकरी से बर्खास्त हों। इनसे पेपर लीक के कारण हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई भी करें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश में खनन, शराब व नशा तस्करी माफिया खूब पनपा है। प्रदेश सिंथेटिक ड्रग्स की चपेट में है। युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। खनन माफिया प्रदेश की खनिज संपदा का अवैध दोहन कर रहा है। अवैध खनन से खड्डों, नदियों व नालों का सीना छलनी कर दिया है। इसलिए राज्यपाल से विनम्र निवेदन किया है कि पेपर लीक, खनन, शराब व नशा माफिया से देवभूमि को बचाने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाएं। चैन की नींद सोई हुई सरकार को जगाने का काम करें, ताकि लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बच सके।
इस दौरान सुक्खू के साथ पूर्व मन्त्री एवं कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन, विधायक रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, लखविंदर राणा, सतपाल रायज़ादा, संजय अवस्थी, पूर्व विधायक सोहन लाल, कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेश चौहान, विनीत गौतम, महेन्द्र चौहान, सुरेन्द्र चौहान, अरुण शर्मा, हिमाचल यूवा कांग्रेस अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी, एनएसयूआई अध्यक्ष छत्तर ठाकुर, ज़िला शिमला शहरी अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, रितेश कपरेट, सुशीला नेगी, महासचिव अनीता वर्मा, पार्षद राकेश चौहान, यशपाल तनाइक, राज कुमारी सोनी, प्रदीप वर्मा, गीतांजली भागड़ा , कुसुम वर्मा, कमला वर्मा, अनजेश वोरा,‌ तनु चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष राम कृष्ण शांडिल, विकास सिंघा, कुलदीप औक्टा, रोहित शर्मा, सुनील शर्मा, राजेश शेकटू, धर्म पाल ठाकुर संजय भारद्वाज, राकेश नेगी, शुबरा जिंटा, महेश ठाकुर, नितिन देष्टा चंद्र महाजन, सिमरन नेगी इत्यादि मौजूद रहे।

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