शिमला। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने कहा है कि गत दिन शिमला में हुए एक शिक्षा जन संवाद कार्यक्रम के तहत दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया द्वारा प्रदेश सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के बाद हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री पूरी तरह से घबरा गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई सामने आने के बाद हकीकत पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरव शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्री अब पोल खुलने के बाद पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की दयनीय हालत को लेकर सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि आम जनता चाहे वह चंबा हो, मंडी हो, कांगड़ा हो, कुल्लू हो, सभी जिलों में शिक्षकों की कमी और स्कूलों की दयनीय हालत को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को कहां तो प्रदेश में शिक्षा पर बेहतरी की बात करनी चाहिए और वह कहां ऊल-जलूल बयान देने में लगे हैं। गोविंद ठाकुर कह रहे हैं कि दिल्ली में स्कूल कम हैं और जनसंख्या भी कम है और प्रदेश की जनता 70 लाख है और स्कूल 15 हजार से ज्यादा हैं। लेकिन हम उन्हें बताना चाहते हैं कि दिल्ली की जनसंख्या ढाई करोड़ के पार है और दिल्ली के स्कूल पिछले 7 सालों में देश के लिए मॉडल बनकर उभरे हैं। जहां एक ही सत्र में 4 लाख छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में एडमिशन ली है और दूसरी ओर हिमाचल में 2 लाख छात्र सरकारी स्कूलों को छोड़कर निजी स्कूलों में जा रहे हैं। क्योंकि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सरकारी स्कूलों की हालत ऐसी कर दी है, जहां 2 हजार से ज्यादा स्कूल एक एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। और 47 फीसदी स्कूलों में प्रिंसिपल ही नहीं है। यही नहीं, स्कूलों में न शौचालय और न ही खेल मैदान हैं। सरकार सिर्फ और सिर्फ निजी स्कूलों को प्रमोट कर सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इससे आम जनता और स्कूल में पढ़ने वाला गरीब का बच्चा शिक्षा से वंचित हो रहा है। वहीं जो थोड़ा बहुत साधन संपन्न परिवार हैं, उन्हें मजबूरन निजी स्कूलों में महंगी फीस चुकाकर अपने बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है।
गौरव शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदेश के सीएम और सरकार के किसी भी मंत्री और साथ ही शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर को खुली चुनौती दी कि वे शिक्षा व्यवस्था पर खुला संवाद जहां वो चाहे मनीष सिसोदिया के साथ करे, वे दिल्ली आकर स्कूल देखें या मनीष सिसोदिया को बुलाएं और चर्चा करें। आम आदमी पार्टी काम करने में विश्वास रखती है और जो कहती है वह करती है।
