शिमला। अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी फ्रंट के चीफ एमएस बिट्टा ने कहा है कि गुरपतवंत सिंह पन्नू पाकिस्तान और आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने पन्नू को चेतावनी दी कि वह हिमाचल के मुख्यमंत्री को बार-बार धमकी देना बंद करे। अगर पन्नू में हिम्मत है तो उनसे आकर वन-टू-वन बात करे। वे शनिवार को यहां प्रेस वार्ता में बोल रहे थे।
बिट्टा ने कहा कि हिमाचल देवभूमि है। यहां देशभर से पर्यटक बेखौफ होकर घूमने आते हैं। हिमाचल में सैलानियों ने सुरक्षा को कभी अहमियत नहीं दी। उन्होंने कहा कि अब देवभूमि हिमाचल का निशाने पर आना और धमकियां देना शुरू करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पन्नू दूर बैठकर धमकियां देता है। यदि उसमें दम है तो वह सामने आकर बात करे। बिट्टा ने कहा कि हिमाचल, पंजाब और सारा देश हमारा है। इसलिए सभी को खालिस्तान मुर्दाबाद कहना होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को खालिस्तान के खिलाफ आवाज उठानी है। बिट्टा ने कहा कि पन्नू ने पगड़ी कभी पहनी नहीं और न ही कभी दाढ़ी रखी। ऐसे में वह कहां का सिख बन गया। फिर बात खालिस्तान की करता है।
बता दें कि खालिस्तानी समर्थक पन्नू पिछले एक साल से निरंतर हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को धमकियां दे रहा है। वह कई बार प्रदेश के पत्रकारों और नेताओं को फोन करके यह धमकियां दे रहा है। वह फोन पर रिकार्डेड मैसेज सुनाता है। पिछले दिनों धर्मशाला में विधानसभा परिसर का बाहरी गेट पर भी खालिस्तानी समर्थकों ने नारे लिखे थे। साथ ही खालिस्तानी पोस्टर भी लगाए थे। इसे देखते हुए सरकार ने राज्य की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी थी और प्रमुख स्थलों पर भी सुरक्षा को बढ़ाया था। इस बीच, पुलिस ने धर्मशाला प्रकरण में दो आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार भी कर लिया है।
