शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में जयराम सरकार के चार साल से अधिक के कार्यकाल को असफल और निराशाजनक करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य के कर्मचारियों को अभी तक छठे वेतन आयोग का लाभ नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को उनका हक देने में विफल रही है और उन्हें उलझाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी अपनी मागें उठा रही है, उनके खिलाफ तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
नरेश चौहान ने सोमवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर कर्मचारियो की शंकाओं को दूर नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उनकी वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए, लेकिन अभी तक सरकार ऐसा नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उनकी सुन नहीं रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एक तानाशाह के रूप में काम कर रहे हैं और कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि जयराम सरकार कर्मचारियों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। सरकार ने पिछले दिनों सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले 10 कर्मचारी नेताओं का उत्पीड़न करते हुए उन्हें दूरदराज के इलाको में भेज दिया। उन्होंने मांग की कि सरकार कर्मचारियो की मांगों को सुने और उनसे बातचीत करे तथा उनकी वेतन विसंगतियों को दूर करे। साथ ही जिन कर्मचारी नेताओं के तबादले किए गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है, जहां इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों के वर्ग आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के उन कर्मचारियों के साथ खड़ी है।
नरेश चौहान ने राजधानी शिमला में पेयजल समस्या पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अभी मार्च का ही महीना चल रहा है और राजधानी शिमला में पेयजल संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि जब अभी यहां पर 5-5 दिन बाद लोगों को पेयजल मिल रहा है तो अप्रैल, मई और जून की गर्मी के दौरान क्या स्थिति होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और भाजपा शासित नगर निगम शहर में लोगों को 24 घंटे पानी देने का शिगूफा छोड़ा था, लेकिन आज स्थिति यह है कि लोगों को 5-5 दिन बाद पीने का पानी मिल रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार का शिमला शहर की जनता को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध करवाने की बात पूरी तरह शिगूफा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह से असफल रही है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर के उपनगरों चम्याणा, मल्याणा, भट्टाकुफर, कमलानगर, टुटू, चक्कर आदि में चार-पांच दिनों के बाद पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वहीं, शहर में तीन-चार दिन बाद पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने सरकार ने मांग की कि शिमला शहर व इसके साथ लगते इलाकों में पेयजल आपूर्ति को तुरंत सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इसमें सुधार नहीं लाया तो कांग्रेस धरना-प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेगी।
