शिमला। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला (ग्रामीण) के अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने प्रदेश की जयराम सरकार पर किसानों-बागवानों और आम आदमी की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि पहले कीटनाशक दवाओं और खाद की कीमतों को बढ़ाकर किसानों और बागवानों की कमर तोड़ी और अब रोजमर्रा की चीज़ों के साथ-साथ खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाकर जनता पर मंहगाई का एक और बोझ थोप दिया है।
छाजटा ने कहा कि बाजार में तेल, डालडा व दूध के दामों में वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में अब लोगों को इन वस्तुओं की खरीददारी पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ रसोई गैस के कमर्शियल सिलेंडर के दामों में 105 रुपए की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बाजार में खाद्य तेल रिफाइंड 20 रुपए और वनस्पति घी के दाम में 30 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी हुई है। वहीं, रिफाइंड तेल का एक लीटर का पैक जो पहले 130 रुपए में था, अब 150 रुपए में बिक रहा है, जबकि वनस्पति घी का एक किलो का पैक 140 से 170 रुपए में बिक रहा है।
यशवंत छाजटा ने कहा कि पैकेट बंद दूध एक मार्च से दो रुपए महंगा हो गया है। दूध बेचने वाली कंपनियों ने आधा लीटर से छह लीटर तक के पैकेट के दामों में दो रुपए का इजाफा किया है। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र व प्रदेश में भाजपा शासित सरकारें आई हैं, मंहगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह हर वर्ग को राहत दे, लेकिन सरकार के रवैये से ऐसा नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऋण लेकर खुद मौज करने में लगी हुई है और जनता की कोई परवाह नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निगम और विधानसभा चुनावों में जनता इसका करारा जवाब देगी।
