शिमला। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने कहा कि भाजपा सरकार कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में भी आपसी अंतर्कलह से जूझ रही है। उनका कहना था कि हिमाचल प्रदेश, देश का पहला राज्य बन गया है, जहां इस विपदा के समय में ईमानदारी से कार्य के बजाय भाजपा सरकार पर घोटालों को अंजाम देने के कथित आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन घोटालों के कारण ही भाजपा के अध्यक्ष तक को त्यागपत्र देना पड़ा है।
छाजटा ने कहा कि इससे बड़ा कलंक देवभूमि के लिए क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कोई भी जनहित तथा समाज हित कार्य करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा विकास करवाने में तो विफल रही है। यह सरकार तो प्रदेश की जनता को मूलभूत सुविधाएं, करवाने में भी नाकाम रही है। सरकार स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ करने, शिक्षा संस्थानों में सुविधाएं जुटाने, सड़क, पेयजल योजनाओं को आगे बढ़ाने में विफल रही है और इन विभागों में राशि खर्च न होने से लेप्स हो रही है।
तूफान अंधड से हुए नुकसान पर किसानों-बागवानों को राहत दे सरकार – छाजटा
यशवंत छाजटा ने कहा कि प्रदेश के किसानों-बागवानों को इस साल डबल मार पड़ी है। एक तरफ कोरोना वैश्विक महामारी, दूसरी तरफ मौसम की मार से किसानों की फसलों व बागवानों के फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मांग की कि इन्हें तुरंत राहत के तौर पर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी कांग्रेस पार्टी कई बार राहत देने की मांग कर चुकी है, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश व प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों का बागवानों प्रति असंवेदनशील बनी हुई है, जोकि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। छाजटा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह जन समस्याओं तथा लोगों को अधिकतम राहत प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करें, ताकि लोगों को इस कठिन दौर में राहत मिल सके।
