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शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तुत बजट को देश की अर्थ-व्यवस्था देने, किसानों, समाज के कमजोर वर्गों तथा विकास को नई गति देने की दिशा में एक कारगर दस्तावेज बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेगा तथा इसके साथ ही डिजिटल तकनीक के माध्यम से विकास की प्रक्रिया को समग्र और समावेशी बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे देश के साथ-साथ सभी राज्यों को भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि 2022-23 के लिए प्रस्तुत बजट आगामी 25 वर्षों के लिए एक ऐसा दस्तावेज है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगामी वर्षों में विकास को इस प्रकार गति मिले कि इससे होने वाले लाभों से कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे तथा देश के सभी क्षेत्रों के लोग विकास की इस प्रक्रिया में भागीदार हों।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट सड़कें, रेल, हवाई अड्डे, बन्दरगाह, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, जलमार्ग इत्यादि के निर्माण को गति प्रदान करेगा, जिससे हिमाचल प्रदेश को भी इन क्षेत्रोें को गति देने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय बढ़ाने को राज्यों के लिए अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 5,000 करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे प्रदेश सरकार को इसमें से चालू वित्तीय वर्ष में 600 करोड़ रुपए की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दी जा चुकी है। 
मुख्यमंत्री ने राज्यों को मिलने वाली इस सहायता को भारत सरकार द्वारा 2022-23 के दौरान 10 गुणा बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपए किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि के फलस्वरूप हिमाचल प्रदेश को भी लाभ होगा, क्योंकि आगामी वित्तीय वर्ष में केन्द्रीय सहायता में काफी वृद्धि होगी। इस सहायता के माध्यम से प्रदेश सरकार को पूंजीगत कार्यों के कार्यान्वयन में गति दी जा सकेगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट में जीरो बजट प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की बात की गई है, जिससे हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत केन्द्र सरकार द्वारा 2022-23 के लिए 60,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे हिमाचल प्रदेश सरकार को जुुलाई 2022 तक प्रदेश के सभी ग्रामीण घरों में पाइप के माध्यम से पीने को पानी पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के लिये ‘वाइब्रंट विलेज’ नाम से एक नई योजना आरम्भ करने का प्रस्ताव भी स्वागत योग्य है, क्योंकि इससे प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री का पहाड़ी राज्यों में रोपवे बनाने के लिए केन्द्रीय सहायता से एक नई योजना पर्वतमाला आरम्भ करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बजट में वन स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष सुविधा आरम्भ करने की वित्त मंत्री की घोषणा का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में वन स्वीकृतियों के कारण लम्बित विकासात्मक योजनाओं को शीघ्र आरम्भ करने का मार्ग प्रशस्त होगा।  
जयराम ठाकुर ने नई पेंशन स्कीम के तहत मिलने वाली कर राहत को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का भी स्वागत किया है। उन्होंने दिव्यांगों तथा उनके माता-पिता को कर में राहत प्रदान करने की घोषणा का भी स्वागत किया है। उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत एक करोड़ नए लाभार्थियों को 2022-23 के दौरान लाभान्वित करने के प्रस्ताव का भी स्वागत किया हैं। उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी एवं निजी वानिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिये विशेष सहायता का प्रावधान भी सराहनीय है।

By admin

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