Spread the love

कुल्लू। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिला स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक आज जिला परिषद बैठक कक्ष में उपायुक्त आशुतोष गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अतिरिक्त योजना के तहतत चयनित की गई पंचायतों के प्रधानों तथा पंचायत सचिवों ने भाग लिया।
 उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत विकास कार्यों को लेकर निर्धारित किए गए लक्ष्यों कोे 31 मार्च, 2022 से पहले पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला कुल्लू में प्रधोकनमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत सात पंचायतों अरसू, नोर, कोट, तवार, भुलंग, राहनु तथा डिंगीधार की वीडीपी यानी ग्राम विकास कार्यक्रम ग्राम स्तरीय अभिसरण समिति तथा सम्बंधित ग्राम पंचायत की ग्राम सभा की अनुशंसा के बाद जिला स्तरीय अभिसरण समिति द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। इन पंचायतों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, केन्द्रीय योजना तथा राज्य योजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ 76 लाख रुपए आवंटित किया गया है।
  उपायुक्त ने कहा कि भारत सरकार मंत्रालय द्वारा उक्त योजना के तहत सभी चयनित गांवों को आदर्श गांव घोषित करने के लिए 31 मार्च, 2022 तक लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विकास खंड कुल्लू की ग्राम पंचायत शिल्लीराजगीरी के प्रधान तथा सचिव को शीघ्र ग्राम विकास कार्यक्रम (वीडीपी) तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिला से सम्बंधित 5 गांवों की वीडीपी जिला स्तरीय अभिसरण समिति द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है जिनमें घाटू ,खरगा तथा भूलंग में सर्वेेक्षण कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया ताकि इनकी नियमित वीडीपी तैयार की जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि  सम्बंधित ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा अनुमोदित की गई वीडीपी का कार्योंत्तर अनुमोदन भविष्य में होने वाली ग्राम सभा से करवाना सुनिश्चित किया जाए।  उन्होंने सम्बंधित ग्राम पंचायत के प्रधानों तथा सचिवों को ग्राम स्तरीय अभिसरण की बैठक बुलाकर विकास कार्यों को लेकर शीघ्र कार्य योजना तैयार करने व कार्यों का एस्टीमेशन करने को कहा। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत जिन पंचायतों में आंगनवाड़ी केन्द्रों में शौचालयों का निर्माण तथा अन्य कार्य वांछित हैं, उन्हें गति प्रदान की जाए। सर्वे के दौरान किसी प्रकार की गल्ती न करें ताकि विकास कार्यों को लेकर उचित तरीके सेे कार्य योजना
तैयार की जा सके।

 उपायुक्त ने कहा कि गैप फिलिंग फंड की रूप में 50 प्रतिशत राशि 13 ग्राम पंचायतों खरगा, घाटू, राहणू, कोट, अरसू, नोर, त्वार, डिंगीधार, देउरीधार, भूलंग, शिल्लीराजगीरी, भलाण-2 तथा बैंची  के लिए योजना के तहत 10-10 लाख रुपए की प्रथम किश्त तथा 10-10 हजार रुपए प्रशासनिक व्यय के लिए राशि जारी की गई है। उन्होंने इन पंचायतों के प्रधानों को योजना के तहत प्रावधानों के अनुसार व्यय सुनिश्चित करने तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र जिला कल्याण अधिकारी को प्रदान करने को कहा ताकि गैप फिलिंग फंड के तहत दूसरी किश्त की मांग निदेशालय से समय पर की जा सके।  उन्होंने योजना के तहत चयनित समस्त ग्राम पंचायतों को संपूर्ण अभिलेख रखने के साथ  उसका उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके अतिरिक्त योजनाधीन समस्त विकासात्मक कार्यों  की सूचना कार्य पट्टिका कार्य स्थलों पर लगवाई जाएं जिसके लिए व्यय प्रशासनिक व्यय में से किया जा सकता है।
उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्ष  विशेषकर जिन गांवों का विलेज स्कोर प्रस्तावित लक्ष्य से नीचे है वहां पर विकास कार्यों व व्यक्तिगत लाभ योजनाओं में तीव्रता लाने के निर्देश दिए ताकि प्रस्तावित लक्ष्य प्राप्त कर निर्धाेिरत समय में चयनित गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा सके। हर माह ग्राम स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक का आवश्यक रूप से आयोजन किया जाए जिसमें प्रत्येक विभाग के ग्राम स्तरीय अभिसरण समिति के सरकारी सदस्य आवश्यक रूप से भाग लें तथा अपने-2 विभाग से सम्बंधित योजनाओं का समयवद्ध कार्यन्वयन सुनिश्चित किया जाए।
 बैठक में योजना के संचालन हेतु जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय में कम्प्यूटर व प्रिंटर खरीदने तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों में सोलर लाईटों की स्थापना तथा इसकी खरीद को लेकर भी निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी समीर चंद, परियोजना अधिकारी (डीआरडीए) सुरजीत सिंह, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले शिव राम राही, जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कुमारी, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव तथा अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *