Spread the love

शिमला। हिमाचल की धरती से संबंध रखने वाले कृषि विशेषज्ञ प्रो. विजय पाल शर्मा कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के कृषि लागत और मूल्य आयोग का फिर से अध्यक्ष चुना गया है। साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाले प्रो. शर्मा पिछले 45 वर्षों में कमीशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेस (सीएसीपी) के अध्यक्ष के रूप में पुनः नियुक्त होने वाले देश के पहले व्यक्ति हैं। प्रो. शर्मा इससे पहले 2016 से 2021 तक आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। कृषि लागत और मूल्य आयोग देश में 23 कृषि वस्तुओं के न्यूनतम समर्थन मूल्य को निर्धारित करता है और देश में कृषि क्षेत्र में कई नीतियों के निर्धारण में अहम भूमिका निभाता है। यह हिमाचलवासियों के लिए गौरव का विषय है कि उना जिले के बंगाणा क्षेत्र से सबंध रखने वाले प्रो. विजय पाल शर्मा किसानों के लिए काम करने वाले देश सबसे बड़े आयोग के अध्यक्ष चुने गए हैं।
प्रो. विजय पाल शर्मा ने पालमपुर विश्वविद्यालय से बीएससी और एमएससी की और इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल से पीएचडी की उपाधि धारण की थी। वर्तमान में प्रो. शर्मा भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद में प्रोफेसर हैं। इससे पहले प्रो. शर्मा  2005 से 2012 तक कृषि प्रबंधन केंद्र में अध्यक्ष रह चुके हैं। प्रो. शर्मा प्रख्यात कृषि व्यवसाय प्रबंधन विशेषज्ञ, कृषि अर्थशास्त्री और नीति निर्माता के रूप में तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखते हैं।
कई राष्ट्रीय संस्थाओं में अध्यक्षता के अनुभव के साथ प्रो. शर्मा कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में भारत देश का प्रतिनिधित्व करने के साथ वे एफएओ समेत कई अन्य संस्थाओं के सलाहकार भी रह चुके हैं।
प्रो. शर्मा कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय समितियों के सदस्य और अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह प्रदर्शन निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली, कैबिनेट सचिवालय भारत सरकार के तदर्थ कार्यबल के मुख्य सदस्य रहे हैं। प्रो. शर्मा ने भारतीय कृषि-खाद्य क्षेत्र पर लगभग 10 पुस्तकें और 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में शोध पत्र, वर्किंग पेपर और लीड पेपर प्रकाशित किए हैं।
इस बीच, प्रो. शर्मा ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की चयन समिति ने उन पर दूसरी बार विश्वास जताया है, इसके लिए वे केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने पूर्व के कार्यकाल के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए आगामी कार्यकाल में किसानों के कल्याण के लिए और बेहतरी से काम करेंगे। उधर, केंद्रीय कैबिनेट की चयन समिति की ओर से प्रो. शर्मा के चयन पर प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने खुशी जाहिर की है। उन्होने कहा कि प्रो. शर्मा का चयन होना हम सभी हिमाचलियों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रो. शर्मा के वृहद अनुभव और कार्यकुशलता का नतीजा है कि केंद्र सरकार ने उनके ऊपर पुनः भरोसा जताते हुए अहम जिम्मेवारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रो. शर्मा के अध्यक्ष बनने से हिमाचल के किसानों और कृषि क्षेत्र को भी लाभ पहुंचेगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *