शिमला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता चरणजीत सिंह सापरा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने नववर्ष पर देश की जनता को महंगाई को तोहफा दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी कर महंगाई को और बढ़ाया है और इससे आम जनता का जीवन और मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि डबल इंजन की सरकारों ने देश व प्रदेश की जनता को कोई लाभ नहीं दिया, बल्कि उलटा भारी नुकसान किया है। उन्होंने भाजपा के ‘मोदी है तो मुमकिन है’, नारे पर तंज कसते हुए कहा ”मोदी है तो महंगाई है और मोदी है तो बर्बादी है”। वे रविवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
सापरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने नववर्ष पर देश की जनता को जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी कर एक बड़ा तोहफा दिया है। जिस तरह से जीएसटी की दरें बढ़ाई गई हैं, उससे महंगाई और बढ़ेगी तथा इससे आम आदमी का जीवन और कष्टकारी होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 5 फीसदी जीएसटी के दायरे में आने वाली वस्तुओं पर जीएसटी 12 फीसदी कर दिया है और 12 फीसदी दर वाली वस्तुओं पर जीएसटी 15 से 18 फीसदी कर दिया है। इससे महंगाई और बढ़ेगी और आम जनता को घर चलाने में और भारी कठिनाई आएगी। चरणजीत सिंह सापरा ने कहा कि जीएसटी की दरें बढ़ने से आज खाद्यान्न के दाम बढ़ गए हैं, कपड़े के दाम बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि हवाई चप्पल पहनने वाले लोगों को भी महंगाई का दंश झेलना पड़ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि चाय वाले प्रधानमंत्री ने लोगों की चाय का भी जायका बिगाड़ दिया है। चाय के दामों में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि आम जनता के जीवन से जुड़ी आज ऐसी कोई वस्तु नहीं है, जिसके दाम नहीं बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि स्टील और सीमेंट के दाम बढ़े हैं और इससे घर बनाना और सरकारी परियोजनाओं का निर्माण भी महंगा हुआ है।
सापरा ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी कर चुकी है और हाल में हुए उपचुनावों में मिली हार के बाद इसके दाम कुछ कम हुए हैं, लेकिन बढ़ोतरी इतनी ज्यादा की गई है कि अभी भी दाम बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता ने उपचुनावों में चारों सीटें जीतकर भाजपा को करारी मात दी है और इसकी चर्चा पूरे देश में है।
पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाए केंद्र
चरणजीत सापरा ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी कई बार यह बात उठा चुके हैं, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ऐसा नहीं करना चाहती। केंद्र सरकार को केवल अपना खजाना भरने की लगी है और यह आम जनता पर भारी कर लगाकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि इसके दाम और कम हो सके। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए प्रस्ताव ही नहीं ला रही है।
सापरा का सवाल – यूपीए के कार्यकाल में महंगाई पर धरने करने वाले आज मौन क्यों
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा कि केंद्र की पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में महंगाई पर हर दिन धरना प्रदर्शन करने वाले और ट्वीट करने वाले आज खामोश क्यों हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता तो उस समय, जब गैस सिलेंडर 375 रुपए था, हर दिन सड़कों पर धरना देते थे, लेकिन अब जब यह एक हजार रुपए के पार हो गया है तो वे खामोश हैं। वहीं, फिल्मी हस्तियां भी उस समय तो हर दिन महंगाई पर ट्वीट करती थी, लेकिन आज वे भी खामोश हैं। उन्होंने पूछा कि आज क्या उन्हें महंगाई नहीं दिख रही।
