शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर व कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से डॉ. राजीव बिंदल इस्तीफे पर कहा है कि देश व प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते भाजपा स्वास्थ्य विभाग में कथित घोटाले और भ्रष्टाचार के पाप से मुक्त नहीं हो सकती। इन नेताओं ने कहा है कि डॉ. बिंदल के इस्तीफे से साफ है कि दाल में कुछ काला है, लेकिन निष्पक्ष जांच के बाद कहीं पूरी दाल ही काली न मिले। ऐसे में इस सारे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए।
राठौर व अग्निहोत्री ने एक संयुक्त बयान में कहा कि डॉ. बिंदल के इस्तीफे से कांग्रेस के प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होते हैं। इन नेताओं ने कहा कि चूंकि स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है, इसलिए वह भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। उन्होंने कहा कि महामारी के चलते स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार प्रदेश सरकार की पूरी पोल खोलता है।उन्होंने कहा कि अभी तो इस भ्रष्टाचार की एक पोल ही खुली है आगे आने वाले समय में तो इसकी कई परतें और जड़ें खुलेगी। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग जुड़े घोटालों में और भी कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं।
दोनों कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा के नेता जो अपनेआप को हमेशा पाक-साफ साबित करने में जुटे रहते हैं, जल्द ही बेनकाब होंगे। कांग्रेस इनके सभी घोटालों को जनता की अदालत में लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ऐसा न हो कि सरकार की जांच एजेंसियां कहीं इस पर लीपापोती कर इनके नेताओं को बचाने का प्रयास करें। उन्हें विजिलेंस की जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए इसकी जांच उच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज से करवाई जानी चाहिए।
