आनी। 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित जलोड़ी जोत में 5 करोड़ रुपए से आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें पार्किंग, शौचालय जैसी सुविधाएं लोगों को दी जाएंगी। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने निरमंड के बायल में आयोजित लोकल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (लाडा) की बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जलोड़ी जोत पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य है। यहां हर साल हजारों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।
डीसी ने कहा कि जलोड़ी जोत में पर्यटकों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन से जुड़े स्थानीय व्यापारियों को भी उचित स्थान पर कारोबार करने का अवसर प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जिला के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को उचित सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आशुतोष गर्ग ने जलोड़ी जोत क्षेत्र में सुविधाएं प्रदान करने के लिए बैठक में सुझाव रखा। इस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई। इसके साथ ही इसके लिए 5 करोड़ रुपए की राशि व्यय करने पर भी चर्चा की गई। बता दें कि जलोड़ी जोत करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पर्यटन स्थल है। यह आउटर और इनर सिराज को दो भागों में बांटता है। इसके एक तरफ मशहूर सरयोलसर झील है तो दूसरी ओर ऐतिहासिक रघुपुर गढ़ है। सरोयलसर झील इसकी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के चलते प्रसिद्ध है। वहीं रघुपुरगढ़ भी ऐतिहासिक दृष्टि और प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर है। पर्यटन सीजन में इस क्षेत्र में हर रोज हजारों पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता को निहारने आते हैं।
उधर, लाडा (स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त ने जानकारी देते हुए कहा कि रामपुर जल विद्युत परियोजना से प्रभावित 3296 परिवारों के खाते में दो माह के भीतर देय राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा परियोजना से प्रभावित 11 पंचायतों में विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश जारी किए। बैठक में स्थानीय विधायक किशोरी लाल सागर, एडीसी कुल्लू एसपी सिंह, एसडीएम आनी कुलदीप पटयाल, एसजेवीएनएल के प्रोजेक्ट हैड मनोज कुमार सहित विभिन्न अधिकारी कर्मचारी और प्रभावित पंचायतों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
