शिमला। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने विधानसभाओं में प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के बेहतर उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा, शोध होगा तो गुणात्मक चर्चा भी होगी। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी किसी दल विशेष के नहीं होते और उन्हें युवा प्रतिनिधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अवसर देने चाहिए। उन्होंने हमारी समृद्ध लोकतांत्रिक प्रक्रिया में चर्चा को और बेहतर बनाने पर बल दिया और पीठासीन अधिकारियों को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक पहलुओं से भी अवगत करवाया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को कोरोना महामारी की कठिन परिस्थितियों से बाहर निकाला है। देश ने कोविड के विरूद्ध टीकाकरण की 100 करोड़ से अधिक खुराकें पूरी की हैं। उन्होंने अमृत महोत्सव के दौरान विधायिका सप्ताह आयोजित करने और चर्चा के लिए 75 विषयों को चुनने का सुझाव दिया।
सम्मेलन में तैयार किया गया रोडमैप अगले 100 वर्षों के लिए प्रेरणास्रोत होगा – हरिवंश
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि 82वें सम्मेलन में तैयार किया गया रोडमैप अगले 100 वर्षों के लिए प्रेरणास्रोत होगा। यह रोडमैप लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान दिए गए सुझाव लोकतंत्र को सुदृढ़ करने का कार्य करेंगे। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन और उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने राज्यपाल एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी और समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के उपाध्यक्ष हंस राज ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
