शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शशि दत्त शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार लगातार वैश्विक महामारी से निपटने के साथ-साथ जनहित के लिए भी फैसले ले रही है। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने के निर्णय जनहित का निर्णय है और इसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायत स्तर पर विकास में तेजी आएगी व रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश सरकार लगातार इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए वह जनहित को ध्यान में रखकर लगातार निर्णय ले रही है ,जोकि सराहनीय है। उनका कहना था कि सरकार ने एक व्यवस्थित तरीके से हिमाचल से बाहर रह रहे प्रदेश के नागरिकों की भी घर वापसी करा रही है, जो कि एक सराहनीय कदम है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्य रूप से गो-सदनों गौशालाओं गो- अभ्यार्ण्य को प्रतिमाह प्रत्येक गाय पर 500 रूपए का अनुदान देने की घोषणा का निर्णय अति सराहनीय है। गौरक्षा व गौ संवर्धन के लिए यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा। जहां एक तरफ सड़कों पर भटक रही गाय को आश्रय मिलेगा, वहीं उसको संभालने वाले को मानधन व प्रोत्साहन मिलेगा। इससे दूसरी तरफ फसलों के नुकसान पर भी अंकुश लगेगा। प्रदेश में 22 लाख पशुओं विशेषकर गौ प्रजाति की टैगिंग करने से पशुपालन को एक नया रूप मिलेगा। इससे आवारा पशुओं की संख्या कम होगी, वहीं खेती व प्राकृतिक खेती की संभावनाओं में तेजी आएगी। साथ ही पशुधन की संख्या में भी वृद्धि होगी। प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय भी लिया कि अगले आदेश तक प्रदेश में स्कूल व कॉलेज बंद रहेंगे। सरकार ने प्रदेश में जारी लॉकडाउन मैं लोगों को आ रही समस्याओं को ध्यान में रखकर आगामी 1 जून से हिमाचल प्रदेश में सरकारी व निजी बसों की आवाजाही कुछ शर्तों के साथ शुरू करने का निर्णय लिया। जबकि हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की बसें प्रदेश से बाहर नहीं जाएंगी। जनता को राहत प्रदान करते हुए प्रदेश मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि 60% क्षमता के साथ पूरे प्रदेश में निजी व सरकारी बसें चलेंगी, जबकि किसी भी प्रकार का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। मंगलवार से टैक्सी और ऑटो भी चलने शुरू हो जाएंगे जिससे इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शशि दत्त ने कहा कि पूरे प्रदेश में सैलून खोलने की अनुमति भी प्रदेश सरकार ने दी है, वहीं निजी वाहनों के लिए अब कर्फ्यू पास की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जयराम मंत्रिमंडल ने प्रदेश के लाखों अभिभावकों को राहत प्रदान करते हुए स्कूलों को आदेश दिया है कि वे मात्र ट्यूशन फीस ही लेंगे। शिक्षा को ध्यान में रखकर यह भी निर्णय लिया गया कि ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी जाए, फीस अदा करने की स्थिति में किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। शशि दत्त ने कहा कि निजी स्कूलों के शिक्षकों और गैर शिक्षकों को भी राहत प्रदान करते हुए प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि उनके वेतन में निजी स्कूल किसी भी तरह की कटौती ना करें और ना ही उन्हें नौकरी से निकालें।
