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शिमला। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व श्री नैना देवी जी के विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा है कि भाजपा अच्छे दिन के वादे कर सत्ता में आई और अब अच्छे दिन के वादे ही भूल गई। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वे रविवार को जुब्बल-कोटखाई विधानसभा हलके के शराचली क्षेत्र के गारली, झड़ाशली, झगटान, ठाणा, ढाडी में कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर के पक्ष में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। 

ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले वर्ष 2015 में प्रदेश में 69 राष्ट्रीय राजमार्ग की घोषणा की थी। इसमें जुब्बल-नावर-कोटखाई के 5 राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल थे, जो 6 साल बीत जाने के बाद भी जुमला साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई ने प्रदेश का लम्बे समय तक नेतृत्व किया है। प्रदेश के दो विकास पुरुषों, पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर रामलाल और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आशीर्वाद और पदचिन्हों पर चलते हुए रोहित ठाकुर ने जनता के आशीर्वाद से इस क्षेत्र में विकास की धारा को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने जनता से रोहित ठाकुर को भारी मतों से जिताकर विधानसभा भेजने की अपील की। 

रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में जिला शिमला की हर क्षेत्र में घोर अनदेखी हुई है। सड़कों के निर्माण के लिए सीआरएफ के तहत प्रदेश को 941 करोड़  मिले, जिसमें जिला शिमला को मात्र 8.37 करोड़, जबकि मंडी जिला में मुख्यतः धर्मपुर और सिराज को 509 करोड़ आवंटित हुए। जल जीवन मिशन के तहत पिछले 2 वर्षों में प्रदेश को 938 करोड़ की राशि प्राप्त हुई, जिसमें से धर्मपुर और सिराज विधानसभा क्षेत्र को 444 करोड़ रुपए आवंटित किए गए, जबकि जिला शिमला में मात्र 16.5 करोड रुपए के टेंडर ही लग पाए। इसी तरह वर्ल्ड बैंक फेस-2 के तहत प्रदेश को 770 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, जिसमें जिला शिमला की एक भी सड़क नहीं डाली गई, जो भाजपा की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। 

रोहित ठाकुर ने कहा की कोरोना काल में जयराम सरकार की नकारात्मक मानसिकता के चलते जिला शिमला के कई स्वास्थ्य संस्थान बन्द किए गए। भाजपा की क्षेत्रवाद की राजनीति के चलते बागवानी कॉलेज के नाम पर जिला शिमला और किन्नौर को निराशा मिली है। सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल में नौणी विश्वविद्यालय के अधीन उनके विधानसभा क्षेत्र के नेरी में बाग़वानी कॉलेज खोला गया और अब दूसरा कॉलेज मुख्यमंत्री जयराम ने अपने विधानसभा क्षेत्र के थुनाग में खोल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुल उत्पादन का 70 फीसदी सेब जिला शिमला और किन्नौर में उत्पादित होता है फिर भी भाजपा बागवानी कॉलेज को जिला शिमला-किन्नौर में नहीं खोलना चाहती जो बागवानों के प्रति भाजपा की क्षेत्रवाद की राजनीति को दर्शाता है। 

By admin

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