शिमला। भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 (चार गुना मुआवजा) को लागू करवाने के मुद्दे पर संघर्षरत ‘‘भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच’’ 22, अक्टूबर को मंडी में राज्य स्तरीय प्रदर्शन करेगा। इस प्रदर्शन में फोरलेन, बिजली व अन्य परियोजनाओं, बिजली के टावर या अन्य किसी कार्य के कारण प्रभावित परिवारों को आ रही समस्याओं तथा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को पूर्णतः लागू करवाने के लिए एक दर्जन से अधिक संगठन हिस्सा लेंगे। इस प्रदर्शन में हिमाचल किसान सभा भी शिरकत करेगी। इस लड़ाई के लिए दो माह पहले ‘‘भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच’’ का गठन किया गया था। प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण द्वारा पांच फोरलेन, 63 राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्रस्तावित हैं एवं बनाए जा रहे हैं। भानुपल्ली से बिलासपुर-लेह एवं चण्डीगढ़-बद्दी रेल लाइन, एयरपोर्ट निर्माण एवं विस्तार, बिजली निर्माण के लिए बांध/टावर लाइन के लिए भी भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है। इन सभी परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को हिमाचल सरकार लागू नहीं कर रही है। जबकि केन्द्र सरकार 2018 से पुर्नस्थापना, पुर्नवास तथा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के अनुसार फैक्टर-2 (चार गुणा मुआवजा) को लागू करने की बात कर रही है। लेकिन साढ़े तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी हिमाचल सरकार अभी तक किसानों के पक्ष में कोई भी फैसला नहीं ले पाई है और जमीन को कौड़ियों के भाव लेकर किसानों को बर्बाद करने पर तुली है।
हिमाचल किसानसभा के शिमला जिलाध्यक्ष सत्यवान पुंडीर और कसुंपटी कमेटी के सचिव जयशिव सिंह ठाकुर ने कहा कि इसे लेकर 14 अक्टूबर को जिला शिमला के कसुम्पटी क्षेत्र के तहत सात पंचायतों शोघी, आनंदपुर, कोट-गेहा, पुजारली, मेहली, मल्याणा, चमयाना के प्रभावित परिवारों एवं सम्बंधित किसानों के साथ जय तारा मंदिर पुजारली में बैठक की जाएगी। इस बैठक में ‘‘भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच’’ के अध्यक्ष अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के पद से सेवानिवृत बीआर कौंडल, संयोजक जोगिन्द्र वालिया तथा हिमाचल किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि इस बैठक में कसुम्पटी क्षेत्र के तहत आने वाली सात पंचायतों के प्रभावितों की लगती जमीन के संदर्भ में आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। हिमाचल किसान सभा तथा ‘‘भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच’’ इन पंचायतों के प्रभावित परिवारों के मुआवजे तथा अन्य सम्बंधित समस्याओं के समाधान के लिए एक ओर सम्बंधित प्राधिकरण तथा सरकार के स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने के प्रयास करेंगे।
