शिमला। जल विद्युत क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) अगले दो दशक के लिए अपना साझा विजन जारी किया है। निगम ने जहां 2023 तक के लिए जहां पांच हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है, वहीं 2030 और 2024 के लिए भी अपना टारगेट सेट किया है। इसके तहत जहां 2030 तक 12 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है, वहीं 2040 तक 25 हजार मेगावाट करने की बात कही है। निगम अगले 9 सालाें के भीतर 75 हजार कराेड़ रुपए का निवेश करेगा और इस दाैरान हिमातल में ही 23 हजार कराेड़ का निवेश होगा। यह बात एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने शुक्रवार को कही।
शर्मा ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उनका निगम क्लीन एनर्जी, ग्रीन एनर्जी पर फोक्स कर रहा है और उसके मुताबिक की उसने भविष्य की रणनीति बनाई है। उन्होंने कहा कि पन बिजली के साथ-साथ अब विंड, सोलर, थर्मल में भी काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि निगम ने 2023-24 में पांच हजार मेगावाट में से 15 सौ मेगावाट सोलर और विंड एनर्जी से तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि यह कुल उत्पादन का 30 प्रतिशत होगा। वहीं, 2030 तक कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत और 2040 तक 60 प्रतिशत साेलर और विंड एनर्जी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि निगम को धाैलासिद्ध और लूहरी स्टेज-वन की सभी तरह की क्लीयरेंस मिल गई है और इनका कार्य शुरू कर दिया है और इन्हें तय समय के भीतर तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कि सुन्नी परियोजना को अगले वर्ष मार्च माह तक शुरू करने की योजना है।
निगम के सीएमडी ने कहा कि निगम जिन भी परियोजनाओं पर काम करेगा, वहां स्थानीय लोगों की सहमति के बाद ही कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि निगम कहीं पर भी जबरदस्ती परियोजना का कार्य नहीं करेगा। उनका कहना था कि जहां पर प्राेजेक्टाें पर काम किया जाएगा, वहां पहले स्थानीय लोगाें काे विश्वास में लिया जाएगा और उनसे संवाद बढ़ाकर ही काम शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञाें की इनवेस्टिंगेशन रिपाेर्ट के आधार पर भी निगम प्राेजेक्टाें पर काम करेगा। शर्मा ने कहा कि प्राेजेक्टाें में सुरंग निर्माण के लिए निगम अब ब्लास्टिंग और ड्रिलिंग नहीं की जाती, बल्कि नई तकनीक टीबीएम काे इस्तेमाल में लाया जा रहा है। इससे नुकसान नहीं होता है। उन्हाेंने कहा कि जिस प्राेजेक्ट से देश व प्रदेश का विकास हाेगा, उस प्राेजेक्ट पर काम शुरू करने के लिए लाेगाें काे विश्वास में लिया जाएगा।
नंद लाल शर्मा मे कहा कि आने वाले समय में निगम सतलुज बेसिन के अलावा चिनाब बेसिन पर लाहाैल-स्पीति में नए प्राेजेक्ट पर काम शुरू करेगा। इसके अलावा 1000 मेगावाट का साेलर पावर प्राेजेक्ट भी निगम को मंजूर हुआ है। इसके लिए जिस राज्य में जमीन मिलेगी, वहां पर इसे स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काजा में 800 मेगावाॅट के साेलर पावर प्लांट के लिए ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के काम के बाद वे अपना कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि निगम ने ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में छह प्रोजेक्टों पर एमओयू साइन किए थे, जिनमें से तीन पर कार्य शुरू हो गया है और तीन का सर्वे का कार्य चल रहा है।
नंद लाल शर्मा ने कहा कि निगम अभी तक प्रदेश सरकार काे 42सौ कराेड़ की फ्री बिजली दे चुका है। इसके अलावा 2073 कराेड के डिविडेंड भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि निगम को पिछले वित्त वर्ष (2020-21) में निगम का कुल राजस्व 3123.07 करोड़ रुपए रहा और कर भुगतान से पहले लाभ 2168.67 करोड़ रुपए रहा। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त में कुल लाभ 1633 करोड़ रुपए का रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के 33 वर्ष के सफर में वह देश में सात राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान में भी कार्य कर रहा है।
