Spread the love

कुल्लू। घर-परिवार और समाज में बुजुर्गों का महत्वपूर्ण स्थान है। बुजुर्गों के माध्यम से नई पीढ़ी में संस्कार और मूल्यों का संचार होता है और वे सभ्य, संस्कारी व जिम्मेवार नागरिक बनते हैं। यह बात शिक्षा, कला, भाषा एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने सहारा वृद्धाश्रम क्लाथ में बुजुर्गों से संवाद करने के बाद कही।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर में सेवा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है और इस आयोजन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान प्रदान करना तथा समाज में उनकी महत्वपूर्ण मौजूदगी का एहसास करवाना है। उन्होंने कहा कि वह आंगन सूना होता है, जहां कोई बुजुर्ग न हो। वह घर-परिवार सूना है जहां बच्चे बुजुर्गों की कहानियां सुनने से महरूम रहते हैं। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का भविष्य बुजुर्ग होने तक जाता है और किसी को भी इस सच्चाई को नहीं भूलना चाहिए। हमें अपने बुजुर्गों का आदर-सत्कार करना चाहिए। उन्हें सम्मानजनक और सुगम जीवन जीने में अपना योगदान करना चाहिए। इसी भावना को देखकर भावी पीढ़ी हमारा भी सम्मान करेगी।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुजुर्गों का सम्मान करते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिये आयु सीमा को घटाकर 70 व 65 साल कर दिया है। मासिक 1500 रुपए पेंशन प्रदान की जा रही है। इससे बुजुर्गों को काफी सहारा मिला है और विशेषकर ऐसी स्थिति में जब उनकी देखभाल के लिए कोई नहीं है। बाद में, गोविंद ठाकुर ने सभी वृद्धजनों के साथ सेल्फी ली, उनसे लंबी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनी। जिला कल्याण अधिकारी समीर चंद सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *