शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण बोर्ड ने अपने क्षेत्रीय कार्यालय शिमला और क्षेत्रीय प्रयोगशाला शिमला के माध्यम से हीलिंग हिमालय, शूलिनी विश्वविद्यालय, होमगार्ड, एसजेपीएनएल, एमसी स्लॉटर हाउस, मेसर्स एलिफेंट एनर्जी, ओबेरॉय ग्रुप (सेसिल एंड वाइल्ड फ्लावर हॉल), होटल रेडिसन जैस ग्रुप, होटलियर एसोसिएशन, बीडीओ मशोबरा और एमसी शिमला के 250 स्वयंसेवकों के सहयोग से शिमला के अश्विनी प्रदूषित नदी खंडके जलग्रहण क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान तीन स्थानों पर आयोजित किए गए थे। इनमें पहला लिफ्ट नाला (लिफ्ट से लालपानी पुल तक), दूसरा राष्ट्रीय राजमार्ग (टूटीकंडी से पंथाघाटी तक) और तीसरा अश्विनी खड्ड (ग्राम पंचायत पुजारली और रझाणा में चलाया। यह अभियान स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा उद्घाटित स्वच्छता अभियान के तहत चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
अभियान के शुरुआत में बोर्ड के सदस्य सचिव हिमाचल अपूर्व देवगन ने प्रतिभागियों को शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने लगभग 3.5 मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट कोम्बरमेयर से लिफ्ट नाला, स्लॉटर हाउस एमसी शिमला में लिफ्ट नाला, टूटीकंडी से पंथाघाटी तक एनएच -5 पर चलाए गए सफाई अभियान और अश्विनी खड्ड से एकत्र किया गया। एकत्र किए गए कचरे को निपटान के लिए भरयाल ऊर्जा संयंत्र में को भेजा गया।
