शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने राज्य में बढ़ती महंगाई के लिए भाजपा सरकार को पूरी तरह से दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ लोग कोरोना वायरस की मार से जूझ रहे हैं, वहीं, दूसरी तरफ बढ़ती बेरोजगारी से उन्हें दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब राशन डिपुओं से मिलने वाले सस्ते अनाज की दरों में बढ़ोतरी से सरकार ने लोगों की कमर ही तोड़ दी है।
राठौर ने कहा कि इस महामारी के दौर में सरकार ने लोगों को कोई भी राहत नहीं दी है। उल्टे बिजली, पानी, बस किरायों में वृद्धि कर अपनी तिजोरी भरने में लगी है। उन्होंने पीडीएस के तहत डिपुओं से मिलने वाले सस्ते राशन तेल, दालों के मूल्यों में बढ़ोतरी पर आपत्ति जताते हुए इसे जनहित में वापिस लेने की मांग सरकार से की है। उन्होंने कहा कि आज जब प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते लोगों के काम धंधे बंद हो गए हैं और लोग बेरोजगार हो गए हैं, ऐसे में उन्हें बढ़ती महंगाई से राहत दी जानी चाहिए, न कि महंगाई से उन्हें और परेशान किया जाना चाहिए।
कुलदीप राठौर ने डिपुओं में मिलने वाले सरसों के तेल में एकमुश्त 57 रुपए की वृद्धि और चने व मलका की दाल में 10 से 18 रुपए की मूल्य बढ़ोतरी को पूरी तरह अनुचित ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय लोगों के प्रति उनकी संवेदनहीनता को ही दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज जिन कठिन परिस्थितियों में लोग अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं, उस पीड़ा का भाजपा सरकार को कोई अहसास नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता आपदा में अवसर तलाश रहे हैं।
राठौर ने प्रदेश में हॉल ही में भारी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों, बागवानों की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने और उन्हें उचित मुवावजा देने की सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सभी होटल कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों को कोई राहत पैकेज दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस समय अपने सभी अनावश्यक खर्चों पर पूर्ण रोक लगाते हुए लोगों को इस बढ़ती महंगाई से राहत देनी चाहिए।
