हमीरपुर। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लागू कोरोना कर्फ्यू में निर्माण गतिविधियों को अनुमति मिलने से श्रमिक वर्ग को निरंतर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। हमीरपुर जिला में सरकारी एवं निजी क्षेत्र में हजारों श्रमिकों को इसका लाभ प्राप्त हो रहा है। इससे उनके लिए परिवार का पालन-पोषण सुलभ हुआ है और रोजी कमाने की चिंता बहुत कम हुई है।
प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में कोविड-19 महामारी से उपजी वर्तमान परिस्थितियों में राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए भी कृतसंकल्प है। कोरोना वायरस की श्रृंखला को तोड़ने के दृष्टिगत प्रदेश में 7 मई, 2021 से लागू कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी प्रदेश सरकार ने नागरिक कार्य स्थलों, बागवानी एवं कृषि क्षेत्रों और अन्य परियोजना स्थलों पर कार्य जारी रखने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से दिहाड़ीदार, श्रमिकों सहित एक बड़े जरूरतमंद वर्ग को राहत मिली है।
हमीरपुर जिले के बोहणी क्षेत्र के मुलाना गांव के रहने वाले ठेकेदार राकेश कुमार का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू में निर्माण कार्यों में छूट से श्रमिक वर्ग खुश हैं। कार्य स्थल पर कोरोना के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। निर्माण कार्य में लगे मजदूर वर्ग की रोजी-रोटी भी अच्छी चल रही है।
वहीं, लंबलू गांव के बंटी कुमार और घुमारी के कमल किशोर का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण सभी के जीवन में बदलाव आया है। पिछले वर्ष लॉकडाऊन के दौरान उन्हें रोजी कमाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी। हालांकि इस बार कोरोना कर्फ्यू की अवधि में भी निर्माण गतिविधियों को अनुमति मिलने से उन्हें रोजगार की चिंता नहीं रही है। परिवार का गुजर-बसर अच्छे से करने के साथ ही वे अपनी अन्य जरूरतें पूरी करने में भी स्वयं को सक्षम पा रहे हैं।उधर, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय चौधरी ने बताया कि हमीरपुर वृत्त में वर्तमान में 76 मुख्य कार्यों के अंतर्गत लगभग 486 मजदूर कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार 52 छोटे कार्यों में 176 श्रमिक कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त विभागीय लेबर भी विभिन्न कार्यों में तैनात की गई है। कार्य के दौरान मानक संचालक प्रक्रिया का भी पूरा पालन किया जा रहा है।
