शिमला। कोरोना पाॅजिटिव के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत होम आइसोलेटिड मरीजों को स्वास्थ्य संस्थान में ले जाने की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन को परिवहन के सभी उपलब्ध साधनों का पता लगाने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में तैनात एम्बुलेंस के अलावा, सेना, अर्धसैनिक, ईएसआई, जलविद्युत परियोजनाओं आदि के पास उपलब्ध एम्बुलेंस वाहनों का उपयोग कोरोना मरीजों तथा कोरोना संदिग्ध मरीजों की आवाजाही के लिए उपयोग में लाया जाएगा। कोविड सेवाओं में तैनात एनएएस-108 और जेएसएसके -102 सेवा में लगी 123 एम्बुलेंसों के अतिरिक्त 9 और एम्बुलेंसों को 108 काॅल सेंटर में जोड़ा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यहां बताया कि संबंधित जिलों द्वारा जुटाई गई सभी एम्बुलेंसों की सेवाओं के सुचारू परिवहन का खाका तैयार कर लिया गया हैं, जिसके लिए 108 नम्बर पर काॅल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी कोरोना मरीज जो वर्तमान में घर पर है या कोविड-19 का संदिग्ध मामला है तो ऐसी स्थिति में एम्बुलेंस सुविधा प्राप्त करने के लिए 108 नम्बर पर काॅल कर सकता है। काॅल प्राप्त होते ही काॅल सेंटर में कार्यरत कर्मचारी संबंधित जिला नोडल अधिकारी से उस काॅल से संबंधित मरीज को स्थानांतरण करने की पुष्टि कर एम्बुलेंस भेजेंगे।प्रवक्ता ने बताया कि कोरोना मरीजों को डीसीसीसी, डीसीएचसी और डीसीएच के बीच अंतर स्थानान्तरण सुविधा के लिए सम्बन्धित स्वास्थ्य संस्थान के नोडल अधिकारी वहां उपलब्ध बिस्तरों की सुविधा की पुष्टि करेंगे और कोविड-19 मरीजों के आने के संभावित समय की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि मरीजों की मांग के अनुसार संबंधित जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा एम्बुलेंस को तैनात किया जाएगा, ताकि मरीज को कम से कम समय में स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाया जा सके और मरीज को शीघ्र स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जा सके।
प्रवक्ता ने बताया कि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों व खण्ड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा इन एम्बुलेंस का उपयोग कोरोना मरीजों को उनके घरों से अस्पताल तक ले जाने तथा अन्तर स्थानांतरण सुविधा (इंटर फैसिलिटी ट्रांसफर) के लिए किया जाएगा। कोरोना महामारी से स्वस्थ हो चुके मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों से घर पहुंचाने के लिए संबंधित जिला प्रशासन अथवा मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गैर एम्बुलेंस वाहनों या किराए के वाहनों का उपयोग भी किया जा सकता है।
दुर्गम क्षेत्रों में जीवन धारा मोबाइल हेल्थ और वैलनेस केंद्रों के माध्यम से किए जा रहे कोरोना परीक्षण
प्रदेश के दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में सैंपलिंग बढ़ाने के लिए राज्य ने कस्टमाइज्ड वाहनों के माध्यम से मोबाइल सैंपलिंग सेवाएं शुरू की हैं। हिमाचल प्रदेश, अप्रैल 2020 में इस तरह की सैंपलिंग सेवाओं को शुरू करने वाला देश का पहला राज्य है। अब तक इन संशोधित (माॅडिफाइड़) 102 एम्बुलेंस के माध्यम से 1,90,000 से अधिक सैंपल एकत्र किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि ग्रामीण आबादी में कोरोना टेस्ट बढ़ाने के लिए राज्य ने अब जीवन धारा मोबाइल हेल्थ और वैलनेस केंद्रों के माध्यम से सैंपलिंग और परीक्षण सेवाएं शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) के माध्यम से कुल 695 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 64 कोविड पाॅजिटिव पाए गए है। उन्होंने बताया कि दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों को घर-द्वार पर यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है और इन एमएमयू को उन कंटेनमेंट जोन में भी टेस्टिंग सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए भेजा जा रहा है, जहां से लोगों का अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल है।
