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शिमला। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामले राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि वित्त मंत्रालय ने कोरोना आपदा की इस घड़ी में स्वास्थ्य संस्थानों जैसे निजी अस्पताल, कोविड सेंटर, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम समेत सभी मेडिकल सेंटरों द्वारा अब दो लाख रुपए से ज्यादा की कैश पेमेंट ले सकने का निर्णय लिया है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना मरीजों के परिजनों को उपचाराधीन मरीज़ों के इलाज में पेमेंट संबंधी समस्या लगातार हमारे ध्यान में लाई जा रही थी। इसे देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों जैसे निजी अस्पताल, कोविड सेंटर, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम समेत सभी मेडिकल सेंटर को अब दो लाख रुपए से ज्यादा की कैश पेमेंट ले सकने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। यह छूट 31 मई तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि दो लाख रुपए से ऊपर की कैश पेमेंट के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड देना होगा। मरीज का विवरण, भुगतानकर्ता का पैन या आधार, मरीज और भुगतानकर्ता के बीच रिश्ते की जानकारी लेकर अस्पताल दो लाख रुपए से ज्यादा की कैश पेमेंट ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज और उनके रिश्तेदारों को पेमेंट को लेकर हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए हमने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कोरोना आपदा की इस घड़ी में देशवासियों की हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि आयकर कानून की धारा-269 एसटी के तहत देश में किसी भी व्यक्ति को 2 लाख रुपए से ज्यादा के नकद लेन-देन को प्रतिबंधित करती है, लेकिन महामारी के इस समय में इलाज करा रहे लोगों को इस क़ानूनी बाध्यता के चलते किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े, इसलिए वित्त मंत्रालय द्वारा यह कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने कोविड संबंधी आयात से जुड़े सवालों के समाधान के लिए एक सहायता प्रकोष्ठ बनाया है, ताकि सीमा शुल्क विभाग से ऐसे सामान की त्वरित निकासी हो सके, जिसके त्वरित व सकारात्मक परिणाम हमें मिले हैं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय पूरी गंभीरता के साथ प्रधानमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए कोरोना से राहत देने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है। 

By admin

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