Spread the love

शिमला। उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा है कि भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि आंदोलनरत युवा पीढ़ी एवं छात्र-छात्राएं प्रदर्शन करते हुए संसद के बेहद करीब आ पहुंचे। युवाओं का यह आक्रोश केंद्र सरकार की विफल नीतियों एवं छात्र हितों को नजरअंदाज करने का नतीजा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर केंद्र सरकार को कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा न होने पर पूरे देश के छात्रों में हताशा का माहौल है जिसके कारण इस आंदोलन का जन्म हुआ।

पठानिया ने कहा कि भाजपा का कार्यकाल में चाहे केंद्र में हो या फिर राज्य में, हमेशा ही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता आया है। हिमाचल की ही बात करें तो वर्ष 2017 से 2022 के मध्य जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी तो उस समय भी पेपर लीक, भर्ती घोटाले एवं नौकरी में धांधलियों जैसे गंभीर मामले सामने आए थे।

केवल पठानिया ने कहा कि जब वर्तमान प्रदेश सरकार का गठन हुआ और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की बागडोर संभाली तो उन्होंने नौकरियों में हुए घोटालों के दृष्टिगत संस्थाओं की जवाबदेही तय करते हुए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को तत्काल प्रभाव से भंग किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार के दौरान नौकरियों में हुई धांधलियों की गहन जांच सुनिश्चित कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की। इस तरह मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया और सरकारी क्षेत्र में योग्यता एवं मेरिट के आधार पर भर्ती सुनिश्चित की है।

उप-मुख्य सचेतक ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश के छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़े महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में मजबूती के साथ युवाओं का पक्ष रखा है।

उन्होंने राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की निंदा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देशवासियों की आस्था से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर संसद में चर्चा से बच रही है। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री को संसद में वक्तव्य देकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोगों की आस्था से खिलवाड़ किसके इशारे पर हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर शीघ्र कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *