चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान में हर नागरिक अधिकारी अपनी सहभागिता करें सुनिश्चित- उपायुक्त
जिला स्तरीय एन-कोर्ड समिति की समीक्षा बैठक आयोजित
शिमला। जिलाधीश अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एनआईसी कांफ्रेंस हॉल में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला स्तरीय एन-कोर्ड समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक द्रव्यों के सेवन एवं रोकथाम के दृष्टिगत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और उपस्थित सदस्यों से रोकथाम के लिए उठाएं कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा प्रदेश सरकार ने चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान लांच किया है। इसके तहत शिक्षण संस्थानों से लेकर समाज के हर हितधारकों को इस अभियान में जोड़ा जा रहा है ताकि सरकार के संकल्प को पूरा कर सकें। इसके साथ ही चिट्टा मुक्त हिमाचल बन सके। इस अभियान में हर नागरिक, अधिकारी, कर्मचारी और हित धारक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। सरकार के इस अभियान के तहत की जा रही एक्टिविटी काफी अच्छी हो रही है। इसमें हर विभाग अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है।
बैठक ने निर्देश दिए गए कि पंचायत स्तर पर सूचना प्रणाली को मजबूत करना बेहद जरूरी है। ताकि नशे के कारोबार करने वालों के बारे में तुरंत सूचना जांच एजेंसियों को मिल सके। उपायुक्त ने कहा नशा निवारण कमेटियों के माध्यम से नशा मुक्त हिमाचल बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है।
खुले में शराब पी तो होगी करवाई
बैठक में चर्चा के दौरान उपायुक्त ने बताया कि सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करते हुए पाए गए तो एक्साइज एक्ट की सेक्शन 46 के तहत करवाई की जाएगी। इस एक्ट के तहत 1 हजार से लेकर पांच हजार तक का जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही तीन महीने तक जेल का भी प्रावधन है।
होटल मैरिज में बिना लाइसेंस के ‘सर्व’ नहीं कर पाएंगे शराब
यदि बैंक्वेट हॉल, पार्टी लॉन, मैरिज पैलेस, धर्मशाला या अन्य कोई भी वाणिज्यिक परिसर, अपने प्रतिष्ठान में आयोजित पार्टियों या समारोहों में बिना एल-50बी लाइसेंस के मदिरा परोसते हैं, तो उन्हें संबंधित ज़ोन के कलेक्टर द्वारा निम्नानुसार दंड लगाया जाएगा।।इसमें पहला अपराधन50,000 रुपए दूसरा अपराध 75,000 रुपए, तीसरा तथा प्रत्येक अगले अपराध 1,00,000 रुपए है। इसके अलावा
एल-6ए लाइसेंस केवल होटलों और रेस्तरां के लॉन, टैरेस, रूफटॉप, स्विमिंग पूल क्षेत्र, बैंक्वेट हॉल आदि में मदिरा परोसने के लिए जारी किया जाता है। यह लाइसेंस निम्नलिखित लाइसेंसों के साथ संयुक्त रूप से आवेदन पर जारी किया जाएगा। इसमें एल-3, एल-4, एल-5 (संयुक्त), एल-4 और एल-5, एल-4ए, एल-5ए, एल-3ए, एल-4ए, एल-5ए शामिल है। इस लाइसेंस के अनुदान हेतु उपरोक्त बारों के मालिकों के आवेदन को राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त, हिमाचल प्रदेश द्वारा स्वीकृत किया जाएगा तथा इसका अनुदान एवं नवीनीकरण ज़ोन के कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। शराब के ठेके का समय प्रातः 9 बजे से रात 12 बजे तक और बार का समय दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक है।
विभिन्न एजेंडों पर विस्तृत चर्चा
बैठक में ड्रग ट्रैफिकिंग के ट्रेंड्स के बारे में इंटेलिजेंस/जानकारी का लेन-देन, चुरा पोस्त और गांजे की फसल की गैर-कानूनी खेती पर नज़र रखना, क्रॉस स्टेट असर वाले केस की जांच की प्रोग्रेस पर नज़र रखना, स्कूलों और कॉलेजों में एंटी-ड्रग अब्यूज़ जागरूकता को बढ़ावा देना, गैर-कानूनी खेती और ड्रग के नुकसानदायक असर से प्रभावित इलाके में जागरूकता अभियान चलाना, नशीली फसल की गैर-कानूनी खेती से प्रभावित इलाकों में अल्टरनेटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम लागू करना, ड्रग का पता लगाने के लिए इक्विपमेंट की ज़रूरतों का अंदाज़ा लगाना और प्रपोज़ल जमा करना पर चर्चा की गई।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर, डीएसपी अमित ठाकुर सहित जिला के सभी एसडीएम डीएसपी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
