कहा – 3 वर्षों की विफलता, कर्ज, अव्यवस्था और अराजकता को छिपाने के लिए सड़क पर उतरी सरकार
शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि मंत्रिगण और सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार में चल रहे विधानसभा सत्र को छोड़कर सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ तथा संवैधानिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति बताया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि विधानसभा परिसर में तख्तियां लेकर सरकार का धरना देना और मंत्रियों का सड़क पर उतरकर नारेबाज़ी करना यह सिद्ध करता है कि सरकार पूरी तरह प्रशासनिक और राजनीतिक असफलता से घिर चुकी है। उन्होंने कहा कि सत्ता चलाने वाले स्वयं सत्ता छोड़कर सड़क पर उतर आए हैं, जो यह दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार ने अपनी विफलता को स्वयं स्वीकार कर लिया है।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि 2022 में जनता ने कांग्रेस को जिस विश्वास के साथ सरकार सौंपी थी, उसी जनमत के साथ कांग्रेस ने विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को आर्थिक रूप से कमजोर करते हुए प्रशासनिक ढांचा भी चरमराया है। वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न वर्गों को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, और वहीं सत्ता पक्ष भी उन्हीं सड़कों पर नारे लगा रहा है। यह स्थिति अपनेआप में विडंबनापूर्ण है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनता पूछ रही है कि जब सरकार ही जनता का हक मारकर उन्हें सड़क पर ला रही है, तो वही सरकार खुद भी सड़क पर क्यों उतरी है? ऐसे में सरकार का सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार अपनी विश्वसनीयता और अस्तित्व दोनों खो चुकी है।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि तीन साल में प्रदेश पर 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा, 50 से अधिक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की नियुक्तियों से अतिरिक्त बोझ बढ़ा और माफिया संरक्षण से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। जनता जब सवाल पूछती है तो सरकार जवाब देने के बजाय सड़क पर उतरकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निराधार आरोप लगाने में लगी है। उन्होंने कहा कि यदि नारे ही लगाने हैं तो सत्ता छोड़ दें, जनता खुद प्रदेश का संचालन कर लेगी।
डॉ. बिंदल ने कहा कि तीन वर्षों तक भाजपा को कोसने के बाद अब कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभाजन और लाखों भारतीयों के नरसंहार की जिम्मेदार कांग्रेस आज उन स्वयंसेवकों को गाली दे रही है, जिन्होंने संकट के समय सेवा कार्यों से देश की रक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत माता को टुकड़े-टुकड़े करने वाले तत्वों को संरक्षण देने वाली, चीन को हजारों वर्ग मील भूमि सौंपने वाली, कश्मीर में वर्षों तक हिंसा होने देने वाली और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने वाली कांग्रेस संघ को राष्ट्रविरोधी बताने का दुस्साहस कर रही है। राम मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि और देशभक्त क्रांतिकारियों का अपमान करने वाली कांग्रेस की मानसिकता आज देश समझ चुका है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस के “पाप का घड़ा” भर चुका है और पूरे देश से कांग्रेस का सफाया होना अब तय है। बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद हिमाचल में कांग्रेस सरकार अपनी बौखलाहट उतारने के लिए सड़कों पर उतर आई है, जो उसकी हताशा और विफलता का प्रमाण है।
