कांग्रेस बताए कितने पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए : जम्वाल
बोले – मतदाता सूची के प्रारूप में नाम न होना और अंतिम रूप से मताधिकार से वंचित होना अलग-अलग विषय
शिमला। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों को लेकर कहा कि चुनावी प्रक्रिया जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों, आंकड़ों और प्रमाणों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर जनता के बीच भ्रम और आशंकाएं पैदा कर रही है, जबकि मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जम्वाल ने कहा कि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं लेखक सुरजीत एस. भल्ला ने अंग्रेजी दैनिक द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अपने विश्लेषण में एसआईआर से जुड़े आंकड़ों और दावों पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार वर्ष 2024 में ही लगभग 7.3 करोड़ युवा मतदाता पंजीकृत नहीं थे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में पहले से मौजूद कमियों को भी गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रारूप मतदाता सूचियों में लगभग 13 करोड़ नाम चिन्हित होने या शामिल नहीं होने के दावे को सीधे तौर पर इतने ही नागरिकों के मताधिकार से वंचित होने का प्रमाण बताना उचित नहीं है। प्रारूप सूची और अंतिम मतदाता सूची में स्पष्ट अंतर होता है। इस दौरान दावे, आपत्तियां, दस्तावेजों का सत्यापन और नियमानुसार सुधार की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि एसआईआर की प्रक्रिया में वास्तव में कितने पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए। ऐसे मामलों के प्रमाण क्या हैं और संबंधित शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटना गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच तथा नियमानुसार सुधार सुनिश्चित होना चाहिए।
जम्वाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग, ईवीएम और मतदाता सूचियों जैसे विषयों पर लगातार राजनीतिक विवाद खड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आरोपों की विश्वसनीयता के लिए ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए और अपात्र, मृत अथवा दोहरे पंजीकरण जैसी त्रुटियों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत सुधारा जाना चाहिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह तरीके से होना चाहिए।
जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस को एसआईआर के संबंध में उठाई गई अपनी आपत्तियों का तथ्यात्मक आधार जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावी प्रक्रियाओं पर विश्वास, संस्थागत जवाबदेही और प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा आवश्यक है। राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे जनता को सही जानकारी दें और चुनावी सुधारों पर सार्थक संवाद को प्राथमिकता दें।
