शिमला। भाजपा प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार व संगठन के भीतर भारी अंतर्कलह एवं तालमेल की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इसका खामियाजा हिमाचल प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
धर्माणी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के युवा मंत्री विक्रमादित्य सिंह लगातार अपने बयानों से यू टर्न ले रहे हैं। पहले वह बड़े मुद्दों के ऊपर सरकार को लपेटते हैं और उसके बाद जब कांग्रेस के युवा नेता पर दबाव बनता है तो वह अपने बयान से यू-टर्न लेने पर मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के युवा मंत्री ने माना कि सरकार में और अफसरों के बीच तालमेल की कमी है, जोकि स्पष्ट है। इसके बारे में हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री ने भी बयान दिया है कि तालमेल के बगैर सरकार नहीं चल सकती।
धर्माणी ने कहा कि हाल ही में कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह केंद्रीय नेतृत्व से मिली और वहां पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल नहीं है। पूरे आपदा की कठिन घड़ी में मुख्यमंत्री कांग्रेस की अध्यक्ष को अपने साथ लेकर ही नहीं गए। प्रतिभा ने कहा कि 7 महीने बीत गए हैं और 7000 करोड़ रुपए का लोन इस सरकार ने ले लिया है। इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने माना कि मंत्रिमंडल में कांगड़ा व बिलासपुर के साथ अन्याय हुआ है।
भाजपा नेता ने कहा कि सेब के मामले में भी पहले मंत्री कुछ बोलते थे, विधायक कुछ और मुख्यमंत्री कुछ और बोलते थे। इस कारण हिमाचल के बागवानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस तालमेल की कमी का खामियाजा हिमाचल की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के निर्णय स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष आ ही नहीं पा रहे हैं और जो सरकार से जनता को सुविधा मिलनी चाहिए, वह मिल नहीं पा रही है।
धर्माणी ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी अपनी किसी भी गारंटी पर खरी नहीं उतर पा रही है। जिन वायदों को करके काग्रेस पार्टी सत्ता में आई, आज हिमाचल प्रदेश की जनता उन वायदों का पूरा होने का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि कांग्रेस के युवा मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने जिस प्रकार सरकार को कटघरे में खड़ा किया है वह सही है। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि वह कांग्रेस के नेताओं के लगाए गए आरोपों का जवाब जनता को दे।
