मंडी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित थुनाग क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मिले। पीड़ित परिवारों ने नेता प्रतिपक्ष से मिलकर अपनी समस्याएं बताई। लोगों का कहना है कि सरकार सभी प्रभावितों को राहत प्रदान नहीं कर रही है। बहुत सारे लोगों का सब कुछ चला गया, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला है। लोगों के आशियानें ख़त्म हो गये हैं और लोग किराए के घरों में या रिश्तेदारों के यहां रहने को मजबूर हैं। आपदा के इतने दिनों बाद भी जनजीवन अस्त व्यस्त है।
नेता प्रतिपक्ष ने इस मुलाक़ात में थुनाग के लोगों से मिलकर आपदा से निपटने के विषय में चर्चा की और लोगों से सुझाव भी लिए। इस मौक़े पर सभी लोगों ने भविष्य के लिए कई सुझाव दिये। स्थानीय लोगों ने नाले के चैनलाइजेशन का प्रस्ताव दिया। नेता प्रतिपक्ष ने इसे अपनी विधायक प्राथमिकता के काम के रूप में प्रस्तावित करने का भरोसा दिया और इस मसले को केंद्र और राज्य सरकार के समझ उठाने की बात कही। नाले के लिए कई लोगों ने ज़मीन देने का भी प्रस्ताव रखा। कई स्थानीय लोगों ने कहा कि इस आपदा में राहत के तौर पर किसानों को कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि फ़्लौरीकल्चर को बहुत नुक़सान हुआ है, लेकिन कोई मुआवज़ा नहीं मिला है। सरकार इस पर भी ध्यान दे क्योंकि कई लोगों ने क़र्ज़ लेकर फूलों की खेती की थी, सब कुछ बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि सरकार विधायक निधि को बहाल करे। इससे लोगों को तत्काल मदद मिलती हैं।
जयराम ठाकुर ने इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने हमें बदनाम करने की कोशिश की, तमाम उल्टे सीधे आरोप लगाए। सरकार में बैठे कई लोगों का कहना है कि सड़कें ज़्यादा बनने से यह तबाही आई, तो सरकार बताए जिन क्षेत्रों में सड़कें नहीं थी, वहां पर तबाही कैसे आई। उन्होंने कहा कि सड़कें लोगों की मांग पर बनाई गई थी, हमने लोगों के पीठ का बोझ कम करने के लिए सड़कें बनवाई थी। उन्होंने कहा कि राजनीति में बदले की नहीं, विकास करने की भावना से काम करना चाहिये। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने किसी को परेशान करने की बजाय प्रदेश के विकास के लिए काम करने को तरजीह दी, न कि लोगों को परेशान करने की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार पर अनावश्यक आरोप लगाने से पहले मुख्यमंत्री बताएं कि उन्होंने किया किया। प्रदेश में हुई तबाही की हालत देखकर वे दिल्ली गए और गृह मंत्री अमित शाह को पूरे मामले से अवगत करवाया। उन्होंने 183 करोड़ जारी किए और राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिमाचल भेजते हुए कहा कि दूसरी किश्त भी पहुंच जाएगी। अगले दिन 181 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त आ गई। राहत और बचाव कार्य के लिए सभी सहयोग दिया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री ने और सरकार ने क्या किया। केंद्र द्वारा दी गई मदद में दो-चार सौ करोड़ और जोड़ देते तब भी कोई बात थी। आज तक किसी ने सहयोग मिलने के बाद भी इस तरह की बात नहीं की है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पहली बार हो रहा है जब राहत बांटने का काम प्रशासन के अलावा नेताओं और विधायकों के परिवार के लोग कर रहे हैं। कहीं पर मंत्रियों, सीपीएस और विधायकों के बेटे और पत्नी राहत का पैसा नक़द में बांट रहे हैं। आज तक ऐसा नहीं हुआ। नक़द राशि तो फ़ौरी तौर पर दी जाती है तो मुख्यमंत्री बताएं क्या नुक़सान आंकलन के बाद भी प्रभावितों को और पैसा दिया जायेगा।
भराड़ी मेले में पहुंचे जयराम ठाकुर, देवी-देवताओं के सामने मत्था टेक प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि के लिए की कामना
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सिराज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले भराड़ी मेले में पहुंचे और सभी देवी देवताओं को शीश नवाकर प्रदेशवासियों के सुख शांति के लिए कामना की और आशीर्वाद मांगा। इस दौरान वह स्थानीय लोगों से भी मिले और सबका हाल चाल जाना। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं।
