शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व विधायक सुखविंद्र सिंह सूक्खू ने राज्य सरकार का ध्यान कोरोना योद्धाओं की तरफ खींचा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, नर्स, पैरा मैडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस कर्मचारी, सफाई कर्मी और पुलिस कर्मचारी दिन-रात ड्यूटी कर कोरोना को हराने में लगे हैं। सरकार इन्हें 12 महीने के वेतन के अलावा दो माह का वेतन बोनस के तौर पर देने की घोषणा तुरंत करे। इससे ये कर्मचारी दोगुना उत्साह के साथ कोरोना से जंग लड़ेंगे।
सुक्खू ने कहा कि कर्मचारियों के लिए यह सम्मान की बात होगी। घोषणा के साथ ही सरकार को यह कर्मचारियों पर छोड़ देना चाहिए कि वे बोनस लेना चाहते हैं या नहीं। पुलिस कर्मचारी कोरोना योद्धा के अलावा जनता के अंगरक्षक की भूमिका भी निभा रहे हैं। पुलिस कर्मियों को पहले 13 महीने का वेतन मिलता था, जो बंद है। सरकार उसे तत्काल बहाल करे। अनुबंध पर कार्यरत पुलिस कर्मियों को मात्र बीस हजार रुपये मिलते हैं। उन्हें भी पक्के पुलिस कर्मियों की तरह वेतन, भत्ते दिए जाएं। इन्हें पक्का भी आठ साल बाद किया जाता है। सरकार कोरोना के मद्देनजर नियमों में बदलाव कर इन्हें भी 3 साल बाद पक्का करने की नीति बनाए। सरकार महामारी में पुलिस कर्मचारियों की सुरक्षा के भी पूरे बंदोबस्त करे, क्योंकि वे सबसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आ रहे हैं। उन्हें नहीं मालूम कि कौन संक्रमित है और कौन नहीं। इसलिए उन्हें पीपीई किट मुहैया कराई जाएं।
सूक्खू ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स, फार्मासिस्ट व अस्पतालों के चतुर्थ श्रेणी स्टाफ को भी कोरोना अवधि के दौरान दो माह का वेतन बोनस के तौर पर दिया जाना चाहिए। इससे उनकी हौसला अफजाई होगी। ये भी अपनी डयूटी पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने सरकार से कोरोना की टेस्टिंग में तेजी लाने की मांग की है। साथ ही मजदूर वर्ग की सुध लेने का भी आग्रह किया है।
