‘प्राइड ऑफ हिल्स’ सहित अनेक केंद्रीय योजनाओं में हिमाचल को मिला अभूतपूर्व सहयोग, फिर भी भेदभाव का झूठा राग अलाप रही कांग्रेस
केंद्र से लगातार मिल रही आर्थिक मदद के बावजूद प्रदेश की वित्तीय स्थिति बिगड़ना सुक्खू सरकार की विफलता का प्रमाण
शिमला। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार के प्रति व्यक्त किए गए विचारों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश की जनता के सामने केवल घड़ियाली आंसू बहाने का काम कर रही है। वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को लगातार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस सरकार केंद्र पर दोषारोपण कर रही है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर केंद्र से भेदभाव का आरोप लगाते हैं, जबकि दूसरी ओर आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2025-26 और 2026 के दौरान हिमाचल प्रदेश को विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत भारी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि केवल विशेष पूंजीगत निवेश सहायता योजना के अंतर्गत ही हिमाचल प्रदेश को कई किश्तों में सहायता प्रदान की गई। इनमें 301.62 करोड़ रुपए, 150 करोड़ रुपए, 58.08 करोड़ रुपए, 185.30 करोड़ रुपए, 100 करोड़ रुपए, 20 करोड़ रुपए, 250 करोड़ रुपए, 545 करोड़ रुपए, पुनः 545 करोड़ रुपए, 212.21 करोड़ रुपए, 27.23 करोड़ रुपए, 259 करोड़ रुपए, 44.88 करोड़ रुपए, 58.94 करोड़ रुपए, 350 करोड़ रुपए, 139.79 करोड़ रुपए तथा 77.50 करोड़ रुपए की सहायता शामिल है। यह राशि मिलाकर लगभग 3,325 करोड़ रुपए से अधिक बैठती है।
जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ विशेष सहायता योजना के अंतर्गत लगभग 3,920 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने आपदा राहत एवं पुनर्वास के लिए भी उदारतापूर्वक सहायता दी।
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के माध्यम से प्रदेश को अलग-अलग किश्तों में लगभग 107.15 करोड़ रुपए, 451.44 करोड़ रुपए, 23.52 करोड़ रुपए, 601.92 करोड़ रुपए, 37.50 करोड़ रुपए, 254.62 करोड़ रुपए तथा 451.44 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। इसी प्रकार एसडीआरएफ के माध्यम से दो किश्तों में 198.80 करोड़ रुपए-198.80 करोड़ रुपए तथा एसडीएमएफ के अंतर्गत दो बार 49.70 करोड़ रुपए-49.70 करोड़ रुपए की सहायता जारी की गई।
भाजपा नेता ने कहा कि कैंपा के तहत लगभग 35.20 करोड़ रुपए और 107.61 करोड़ रुपए, ग्रामीण स्थानीय निकायों को 105.60 करोड़ रुपए, 17.20 करोड़ रुपए, 67.95 करोड़ रुपए, 101.93 करोड़ रुपए, 68.64 करोड़ रुपए, 102.45 करोड़ रुपए तथा अन्य अनुदान, जबकि शहरी स्थानीय निकायों को 53.34 करोड़ रुपए, 35.56 करोड़ रुपए, 35.56 करोड़ रुपए और 53.34 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी केंद्र सरकार ने ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य अनुदानों के माध्यम से लगातार सहायता दी। विभिन्न किश्तों में 15.36 करोड़ रुपए, 28.44 करोड़ रुपए, 44.13 करोड़ रुपए, 18.53 करोड़ रुपए, 31.29 करोड़ रुपए, 44.74 करोड़ रुपए, 16.77 करोड़ रुपए, 31.33 करोड़ रुपए, 54.30 करोड़ रुपए, 57.90 करोड़ रुपए सहित अनेक अनुदान हिमाचल प्रदेश को प्राप्त हुए।
राकेश जमेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री यह बताएं कि जब केंद्र सरकार लगातार सहायता उपलब्ध करा रही है, तब प्रदेश की आर्थिक स्थिति क्यों बिगड़ रही है? कर्मचारियों, पेंशनरों, ठेकेदारों और विकास कार्यों के भुगतान में देरी क्यों हो रही है? इसका उत्तर केंद्र सरकार नहीं बल्कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पर्यटन, आपदा पुनर्वास और पूंजीगत निवेश के क्षेत्र में रिकॉर्ड सहयोग दिया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार राजनीतिक लाभ के लिए भेदभाव का झूठा नैरेटिव खड़ा करने का प्रयास कर रही है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल के साथ खड़ी रही है। सच्चाई यह है कि आर्थिक कुप्रबंधन और गलत प्राथमिकताओं के कारण प्रदेश की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई है। अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए मुख्यमंत्री बार-बार केंद्र पर आरोप लगाते हैं, लेकिन तथ्य और आंकड़े उनकी बातों का खंडन करते हैं।
