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सटीक मतदाता सूचियां स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की आधारशिला 

SHoDH हिमाचल और सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने SIR पर आयोजित की राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस 

चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हुआ मंथन 

शिमला। SHoDH (स्टूडेंट्स फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमैनिटी) हिमाचल प्रदेश और सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट, शिमला के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। ‘स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों के लिए सटीक मतदाता सूचियों की तैयारी’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में मतदाता सूचियों की शुद्धता, SIR की प्रक्रिया, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनविश्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व विशेष सचिव (वित्त) एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के. आर. भारती तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर हरीश के. ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। वहीं, विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जोगिंदर सकलानी ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए SIR की अवधारणा, उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला।

SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं : आशीष चौहान 

ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पूर्व वर्षों में भी इस तरह का पुनरीक्षण किया जाता रहा है। उन्होंने SIR और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर सार्वजनिक विमर्श पर अपनी बात रखते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर भ्रामक नैरेटिव गढ़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर तथ्यों, आधिकारिक जानकारी और प्रक्रियाओं की वास्तविक समझ के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था और वैश्विक शक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में देश के प्रति नकारात्मक नैरेटिव और भारत के विरुद्ध कथित षड्यंत्रों को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता, मतदाता सूचियों की शुद्धता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को महत्वपूर्ण बताया।

मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़ा है मताधिकार का सवाल 

डॉ. जोगिंदर सकलानी ने SIR की आवश्यकता और इसके उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों की शुद्धता, पात्र नागरिकों के मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता के बीच गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूचियों का सही होना और पात्र नागरिकों को मतदान का अवसर मिलना आवश्यक है।

वहीं, पूर्व विशेष सचिव (वित्त) एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के. आर. भारती ने अपने प्रशासनिक अनुभवों के आधार पर SIR की प्रक्रिया और इसके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने चुनावी प्रशासन तथा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए विषय को प्रशासनिक दृष्टिकोण से समझाया।

जिम्मेदार नागरिकता के लिए युवाओं को जागरूक करना जरूरी

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर हरीश के. ठाकुर ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर अकादमिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं के कर्तव्यों और अभिभावकों की जिम्मेदारियों पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं में जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना आवश्यक है। अभिभावकों का उचित मार्गदर्शन भी बच्चों में सामाजिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रश्नोत्तर सत्र में SIR के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा 

सम्मेलन के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने SIR की प्रक्रिया, इसके उद्देश्यों और व्यावहारिक पहलुओं से जुड़े सवाल उठाए। वक्ताओं ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विषय के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।

इस अवसर पर सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के पूर्व कुलपति प्रो. डी. डी. शर्मा, हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज और प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता अशोक शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ABVP के उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री गौरव अत्री, प्रदेश संगठन मंत्री धनदेव ठाकुर, हिमाचल प्रदेश इनका के अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा, प्रांत मंत्री नैन्सी अटल तथा SHoDH के प्रदेश शोध प्रमुख डॉ. रमेश ठाकुर ने भी सम्मेलन में भाग लिया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न शिक्षाविदों, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षकों, उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय शिमला के अधिवक्ताओं, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा शहर के वरिष्ठ नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की।

सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सटीक मतदाता सूचियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पात्र नागरिकों को मताधिकार का अवसर देना, मतदाता सूचियों की त्रुटियों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निराकरण करना तथा चुनावी प्रक्रियाओं के संबंध में सही जानकारी का प्रसार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में SHoDH हिमाचल प्रदेश के संयोजक सर्वेश दीक्षित ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी वक्ताओं, अतिथियों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। 

By admin

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