भाजपा के स्टार प्रचारक बन चुके मुख्यमंत्री सुक्खू और राहुल : राकेश जम्वाल
कहा – कांग्रेस सरकार पंचायत चुनावों से भागी, अब जनता देगी करारा जवाब
पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश
मंडी। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि देश के तीन राज्यों में भाजपा की प्रचंड जीत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता का अटूट विश्वास है और कांग्रेस की नकारात्मक, भ्रम फैलाने वाली राजनीति को देश ने पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राहुल गांधी की तरह भाजपा के “स्टार प्रचारक” बन चुके हैं। ये जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का सफाया हो जाता है।
जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस के पास न नीति बची है, न नीयत। इसलिए हर हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाना उनकी आदत बन चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ईवीएम पर इतना ही संदेह है तो क्या हिमाचल में कांग्रेस की सरकार भी ईवीएम “हैक” करके बनी थी? उन्होंने कहा कि यह केवल अपनी हार छुपाने का बहाना है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास है।
जम्वाल ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनावों को जानबूझकर लटकाया गया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले जाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया गया। उन्होंने कहा कि पहले “आपदा” का बहाना बनाकर चुनाव टालने की कोशिश की गई, जबकि उसी दौरान स्कूल, आंगनबाड़ी और अन्य सरकारी गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहीं। इससे साफ है कि सरकार चुनाव से भाग रही थी। उन्होंने कहा कि पंचायतों से फंड वापस लेना, विधायक निधि और विकास निधि को रोकना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार गांवों के विकास को जानबूझकर बाधित कर रही है।
राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि आपदा राहत के नाम पर भी भारी अनियमितताएं हुईं, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो सड़कों की हालत सुधरी और न ही किसानों और आम जनता को कोई राहत मिली। खेत-खलिहान प्रभावित रहे, लेकिन सरकार ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अधिकारी भी दफ्तरों से बाहर नहीं निकले, जिससे आम जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने कांग्रेस की तथाकथित “गारंटियों” को भी पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि महिलाओं को 1500 रुपये देने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ, जबकि मुख्यमंत्री देशभर में जाकर इसके पूरे होने के झूठे दावे करते हैं। 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा भी केवल कागजों तक सीमित है, बल्कि हकीकत यह है कि पहले मिल रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली भी बंद कर दी गई है। गांवों में जहां पहले पानी निशुल्क मिलता था, वहां अब बिल भेजे जा रहे हैं और बिजली के भारी-भरकम बिलों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को एचआरटीसी बसों में मिलने वाली सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं, जिससे महिलाओं को किराए में मिलने वाली राहत बंद हो गई है। दुग्ध उत्पादकों के साथ भी अन्याय हो रहा है। सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन दूध का सही मूल्य नहीं मिल रहा और भुगतान में देरी हो रही है, जिससे किसान परेशान हैं।
जम्वाल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी स्थिति चिंताजनक है। पूर्व सरकार की “हिमकेयर” जैसी योजनाओं से लाखों लोगों को लाभ मिलता था, लेकिन अब लोगों को इलाज के लिए अपने आभूषण बेचने और जमीन गिरवी रखने तक की नौबत आ गई है। यह कांग्रेस सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव सत्ता का “सेमीफाइनल” है और प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार को उसकी नाकामियों का करारा जवाब देने के लिए तैयार है। आने वाले 15 महीनों में होने वाले “फाइनल” में भी यही जनादेश दोहराया जाएगा और प्रदेश में बदलाव तय है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आगे आएं और इस झूठ, भ्रम और वादाखिलाफी वाली सरकार को सत्ता से बाहर करने का संकल्प लें।
