शिमला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने यूरोपियन देशों के साथ फलों विशेषतौर पर सेब आयात पर शुल्क घटाकर 20 प्रतिशत करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रदेश के सेब बागवानों के साथ बहुत बड़ा अन्यान्य है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने न्यूजीलैंड के साथ भी आयात शुल्क कम किया है और अब यूरोपीय देशों के साथ भी आयात शुल्क कम करना देश विशेष तौर पर हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों जिसकी आर्थिकी फलों, सेब पर अधिकतर हो, उसे अपने राजनीतिक लाभ के लिये ध्वस्त करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका के दबाव में देश की आर्थिकी को बर्बाद करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 हजार करोड़ की सेब आर्थिकी पर पहले ही संकट के बादल छाए हैं और केंद्र सरकार की किसान व बागवान विरोधी नीतियों से अब इसके अस्तित्व पर ओर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अमेरिका के साथ हाल ही में भारत के मुक्त व्योपार समझौते के तहत अन्य देशों के साथ भी ऐसे ही करार कर विशेष तौर पर हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के सेब उत्पादन और इसके बाजार को खत्म किया जा रहा है।
राठौर ने केंद्र सरकार से विदेशों से आने वाले फलों पर आयात शुल्क शत प्रतिशत करने की मांग को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश के सेब बागवानों से किये गए अपने वादों को पूरा करना चाहिए।
