शिमला। शिमला विधानसभा क्षेत्र को केन्द्र सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं से बाहर रखे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विशेष प्रावधान किए जाने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि शिमला विधानसभा क्षेत्र को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सहित अन्य केन्द्रीय योजनाओं के अंतर्गत शामिल किया जाए, ताकि राजधानी शिमला की बुनियादी ढांचे से जुड़ी गंभीर समस्याओं का समाधान किया जा सके।
मेयर ने पत्र में उल्लेख किया है कि शिमला विधानसभा क्षेत्र पूर्णतः शहरी घोषित होने के कारण वर्तमान में केन्द्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) तथा जल जीवन मिशन (जेजेएम) के दायरे से बाहर है। इसके चलते नगर निगम शिमला को वित्तीय और विकासात्मक दृष्टि से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हिमाचल प्रदेश में शिमला विधानसभा क्षेत्र ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जो इन योजनाओं से वंचित है। इसका सीधा असर शहर की आधारभूत संरचना, सड़क नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता तथा अन्य नागरिक सुविधाओं पर पड़ रहा है।
मेयर द्वारा लिखे गए पत्र में यह भी बताया गया है कि बीते वर्षों में कई ग्रामीण क्षेत्रों का नगर निगम शिमला में विलय किया गया है, जिससे जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी बढ़ी है, लेकिन निगम के वित्तीय और प्रशासनिक संसाधन सीमित बने हुए हैं, जिससे विकास कार्यों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शिमला न केवल हिमाचल प्रदेश की राजधानी है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है, जहां वर्ष भर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। कठोर मौसम, भारी वर्षा, हिमपात और दुर्गम भू-भाग के कारण शहर की सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं को लगातार नुकसान पहुंचता है। उन्होंने विशेष रूप से सड़कों की जर्जर स्थिति की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि पीएमजीएसवाई के अंतर्गत सहायता न मिलने से सड़क नेटवर्क का समुचित रखरखाव और उन्नयन करना अत्यंत कठिन हो गया है।
मेयर ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि मौजूदा केन्द्रीय योजनाओं में विशेष शिथिलता या अलग प्रावधान किए जाएं और शिमला विधानसभा क्षेत्र को पीएमजीएसवाई के अंतर्गत शामिल किया जाए। उनका कहना है कि इससे सड़कों सहित अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी और राज्य की राजधानी की दीर्घकालिक आधारभूत समस्याओं के समाधान में केन्द्रीय सहयोग निर्णायक साबित होगा।
इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय वित्त मंत्री एवं केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को भी भेजी गई है, ताकि इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जा सके।
