शिमला। “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2025” के तहत एसजेवीएन ने नगर निगम शिमला को दो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ईवी प्रदान किए। शिमला के विधायक हरीश जनारथा और अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन की उपस्थिति में इन दो इलेक्ट्रिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन वाहनों को मॉल रोड, शिमला से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर, नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेंद्र अत्री सहित एसजेवीएन और नगर निगम शिमला के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

अजय कुमार शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन ने नगर निगम, शिमला को दो पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन वाहनों की खरीद के लिए ₹25.44 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की है। शर्मा ने कहा, “इन इलेक्ट्रिक वाहनों की तैनाती से शून्य-उत्सर्जन कचरा संग्रहण को सक्षम बनाकर और वायु गुणवत्ता में सुधार लाकर शिमला का स्वच्छता अभियान महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ होगा।”
यह पहल ‘स्वच्छ हरित उत्सव – पर्यावरण-अनुकूल और शून्य-अपशिष्ट समारोह’ का एक प्रमुख स्तंभ है, जो इस वर्ष के स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम ‘स्वच्छोत्सव’ के पाँच प्रमुख स्तंभों में से एक है। स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन समाधानों का समर्थन करके, एसजेवीएन पर्यावरण संरक्षण और कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
स्वच्छ भारत मिशन के तत्वावधान में, “स्वच्छोत्सव” थीम पर स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा का 9वां संस्करण दिनांक 17 सितंबर को आरंभ हुआ और 2 अक्तूबर 2025 को समाप्त होगा। 15 दिवसीय अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के लिए कार्रवाई के सामूहिक आह्वान में देश भर के लाखों लोगों को संगठित करना है।
