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राजनीतिक हालात के लिए अपना दोष स्वीकार करें मुख्यमंत्री, भाजपा को कोसने से कुछ नहीं होगा

चंबा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि देश का विकास ही नरेंद्र मोदी का सपना है। इसके लिए वह हर ज़रूरी कदम उठाते हैं। चंबा को विकास की दौड़ में सबसे आगे रखने, देश के बाक़ी ज़िलों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने के लिए आकांक्षी ज़िला बनाया, जिससे प्राथमिकता के आधार पर चंबा के विकास के लिए योजनाएं चलाई जा सकें। वह दिन दूर नहीं जब चंबा हर क्षेत्र में अव्वल होगा और चंबावासियों के ‘चंबा फर्स्ट’ का लक्ष्य हासिल होगा।

जयराम ठाकुर मंगलवार को चंबा ज़िला के डलहौज़ी और चंबा के विभिन्न कार्यक्रमों में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि चंबा की लोक संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री स्वयं कई बार देखे गये हैं। आज हिमाचल में केंद्र सरकार के लाखों करोड़ के प्रोजेक्ट ज़मीन पर उतर गये हैं, चल रहे हैं या पाइप लाइन में हैं। आने वाले समय में विकास की यह गति और तेज होगी। प्रधानमंत्री ने चंबा की ज़रूरतों को देखते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे फ़ेज़ की शुरुआत ही चंबा से की।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वैसे तो नेता अपनी पार्टी के नेताओं को, आलाकमान को पत्र लिखकर कहते हैं कि टिकट दे दीजिए। टिकट मिलने के लिए सौ प्रयास करते हैं। कांग्रेस के नेताओं की हालत अलग है। कांग्रेस के नेता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहते है कि उन्हें टिकट न दिया जाए। उनकी बातें सुनी जाएं। इसके बाद भी टिकट मिल जाने के डर से अपने पत्र को भी लीक किया जाता है। कांग्रेस की यह हालत आज सिर्फ़ हिमाचल में ही नहीं, देशभर में हैं। लेकिन हिमाचल के नेताओं द्वारा चुनाव लड़ने से मना करना समझ के परे हैं। यहां तो उनकी सरकार है, अगर उन्होंने अपनी सरकार में काम किए होते तो आज जनता के बीच जाने से क्यों डरते हैं। क्योंकि वह अपने आप यह सत्य तो जान ही रहे हैं कि उन्होंने कुछ नहीं किया। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के एक नहीं कई बड़े नेताओं ने कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने डेढ़ साल में कुछ खोलने नहीं, सिर्फ़ बंद करने का काम किया है। इसीलिए प्रदेश के लोगों ने कांग्रेस को सबक़ सिखाने का मन बना लिया है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था रसातल में चली गई है। पुलिस लोगों द्वारा पकड़े गये पालमपुर के आरोपी को ले गई, लेकिन बीटिया को सड़क पर ही छोड़ दिया, जबकि उसे हॉस्पिटल ले जाना चाहिए, बिटिया को स्थानीय लोग अस्पताल ले गये। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यह क़ानून व्यवस्था का मामला नहीं हैं। उनके इसी तरह के बयानों से ही अपराधियों के डरने की बजाय उनका हौसला बढ़ रहा है। शिमला में जो नाबालिग बच्ची के साथ होने की खबर आ रही है, बद्दी में दिन दहाड़े खूनी झड़प हो रही है, गोलियां चल रही हैं। यह सब बर्बाद हो चुकी क़ानून-व्यवस्था का मामला ही है और मुख्यमंत्री इस बात को जितनी जल्दी स्वीकार कर लें उतना ही अच्छा है। 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को वर्तमान स्थिति के लिए ख़ुद का दोष स्वीकारना चाहिए। उनके द्वारा की गई जलालत के कारण ही विधायक नाराज़ हुए। हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री ने अपने ही विधायकों की आवाज़ को अनसुना कर दिया। कांग्रेस के विधायकों ने पार्टी स्तर पर अपनी बात रखते हुए साफ़ कहा कि हिमाचल से ही राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया जाए, यह बात भी नहीं सुनी गई तो विधायकों ने अपनी आवाज़ सुनाने की कोशिश की। कांग्रेस के पर्यवेक्षक को दिखाकर ही भाजपा के प्रत्याशी को वोट दिया। सब कुछ शीशे की तरह साफ़ है, बस उसे ईमानदारी से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अगर ख़रीद-फ़रोख़्त के सबूत हैं तो वह जनता के सामने रखे कोर्ट के सामने रखें। इस तरह से बातें करने से पहले वह अपने पद का ध्यान रखें। 

By admin

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