धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में नवगठित राज्य कर्मचारी चयन आयोग से भर्ती की प्रक्रिया नए साल में शुरू होगी। आयोग के माध्यम से सर्वप्रथम ओटीए की भर्ती परीक्षा पायलट आधार पर आयोजित की जाएगी। बुधवार देरशाम यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के फैसले पर पहुंचने से पहले आयोग के गठन को लेकर सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी के प्रमुख डॉ. दीपक सानन ने विदेेश में बैठकर इस बारे आनलाइन प्रेजेंटेशन केबिनेट के समक्ष दी।
बता दें कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सरकार ने बीते फरवरी माह में आयोग को भंग कर दिया गया था। आयोग के भंग होने से हजारों अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा परिणाम का इंतजार है। साथ ही नई भर्ती प्रक्रिया भी बंद पड़ी हुई थी, लेकिन अब सरकार के आयोग के माध्यम से दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के फैसले से बेरोजगार युवाओं को राहत मिलेगी।
कैबिनेट बैठक में अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू करने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा स्कूलों को स्मार्ट वर्दी खरीदने का अधिकार भी सरकार ने प्रदान किया। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होने से कांग्रेस की एक और चुनावी गारंटी पूरी हो जाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक में खेल विभाग में 25 प्रशिक्षकों के पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा घोषित राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के ड्राफ्ट को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले संशोधनों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा विभाग की भी एक प्रेजेंटेशन दी गई। इसके माध्यम से विभाग के अधिकारियों ने पावर ट्रेडिंग कंपनी में बिजली बोर्ड व हिमाचल पावर कारपोरेशन के अलग-अलग हिस्सेदारी से कैबिनेट को अवगत करवाया। बैठक में नव नियुक्त दो मंत्री राजेश धर्माणी व यादवेंद्र गोमा भी पहली बार शरीक हुए।
