कुल्लू। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल एक पर्वतीय एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य होने के बावजूद यहां का शिक्षा ढांचा देशभर में अव्वल है। महज 70 लाख की आबादी पर 16 हजार से अधिक सरकारी स्कूल बच्चों को घर द्वार के समीप गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात देशभर में श्रेष्ठ है। वे वीरवार को कुल्लू के अटल सदन में जिला के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने समारोह में कुल्लू तथा मनाली विधानसभा क्षेत्रों के 775 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते रोज मण्डी से प्रदेश के लगभग 20 हजार मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरण का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में 19847 विद्यार्थी जुड़े। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है और अनेकों नए स्कूल खोले अथवा अपग्रेड किए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एक केवल एक विश्वविद्यालय था और अब मुख्यमंत्री ने दूसरा राज्य विश्वविद्यालय मण्डी में खोला है। इसके तहत मण्डी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर जिलों के 141 कालेज शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में आप समाज के विभिन्न क्षेत्रों को सुशोभित करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिये समाज में सकारात्मक माहौल बनाना होगा। शिक्षा ऐसी हो जिसमें बच्चे ऊर्जावान, तेजस्वी और बुद्धिमान बनें। इससे समाज की हर समस्या का समाधान अपने-आप हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को शांति का संदेश देता था, विश्व गुरू रहा है। लेकिन कभी अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं किया। भावी पीढ़ियां देश के पुराने वैभव को वापिस लाने का काम करेंगे और फिर से देश विश्व गुरू बनेगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि देश में 2025 तक हुनर से काम करने वाले नौजवानों की संख्या 50 प्रतिशत तक पहुंचे। इसके लिए व्यावसायिक शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में हाथ से काम करने वालों की आबादी काफी अधिक है। भारतवर्ष में 19 से 25 आयु वर्ग के केवल पांच फीसदी युवा कोई हुनर वाला काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान पर विशेष बल दिया जाएगा।
पूर्व सांसद महेश्वर ठाकुर, उपाध्यक्ष एचपीएमसी राम सिंह, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, उप निदेशक उच्च शिक्षा शांति लाल शर्मा, उपनिदेशक निरीक्षण देवेन्द्र प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अमित सूद, ठाकुर, दानवेन्द्र सिंह पार्षद, भाजपा मण्डलाध्यक्ष ठाकुर चंद, भाजपा कार्यकारिणी सदस्य राहुल सोलंगी, युवा मोर्चा अध्यक्ष संजीव शर्मा, महामंत्री रुकमणी जोशी, शिव चंद, जिला परिषद सदस्या रेखा गुलेरिया, लेस राम, सचिव भाजपा तरूण विमल, मीडिया प्रभारी श्याम कुल्लवी, राज्य आईटी सोशल मीडिया प्रभारी वर्षा ठाकुर सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी व बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी व अभिभावक समारोह मंे उपस्थित थे।
राष्ट्रीय नीति-2020 पर चर्चा करते हुए गोविंद ठाकुर ने कहा कि देश के बच्चों को दुनिया का हर ज्ञान देकर उन्हें वैश्विक नागरिक बनाना नीति का उद्देश्य है। नीति के तहत शिक्षा का मौजूदा स्वरूप पूरी तरह से बदल जायेगा। अब 10 जमा 2 पद्वति व्यवहार में नहीं रहेगी, बल्कि 5 जमा 3 जमा 3 जमा 4 का ढांचा विकसित होगा। इसके तहत 3 साल में बच्चा प्री-नर्सरी में दाखिल होगा। 4 साल में नर्सरी व 5 साल में केजी की पढ़ाई करेगा। छठे साल में बच्चा पहली कक्षा में जाएगा। उन्होेंने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में अंतर नहीं रहेगा। लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 4787 स्कूलों में प्री-नर्सरी की कक्षाएं आरंभ कर दी गई हैं और आने वाले समय में सभी प्राईमरी स्कूलों में यह व्यवस्था पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी।
