शिमला। प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते स्वास्थ्य निदेशक के कथित लेन-देन के आडियो सामने आने और कोविड की खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आज शिमला जिला कांग्रेस कमेटी ने उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में राज्यपाल से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच प्रदेश उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से करवाई जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने कहा कि विजिलेंस की जांच में कांग्रेस को कोई भरोसा नहीं है, क्योंकि इस मामले में सत्तारूढ़ भाजपा के कई नेताओं के शामिल होने का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि इस मामलें में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है, इसलिए यह मामला और भी संगीन बन गया है। उन्होंने आशंका जताई कि प्रदेश सरकार इस मामले में लीपापोती कर सकती है। इसलिए इसकी जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से ही करवाई जानी चाहिए।
छाजटा ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि कोविड-19 की महामारी के दौरान इस प्रकार का भ्रष्टाचार शर्मसार करने वाला है। इससे प्रदेश की साख को धक्का लगा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच उच्च न्यायालय के जज से नहीं करवाई तो कांग्रेस विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरने पर मजबूर होगी। इस दौरान यशवंत सिंह छाजटा के साथ जिला शिमला शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, कांग्रेस विधायक अनिरुद सिंह, विक्रमादित्य सिंह, मोहन लाल ब्राक्टा, सगंठन महामंत्री रूपेश कवंर, संजीव कुठियाला, सुशांत कपरेट, इंद्रजीत सिंह, गोपाल शर्मा व प्रेस सचिव राजेश वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
