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शिमला। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी की अध्यक्षता में सोमवार को यहां अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक हुई। बैठक में डीसी ने संबंधित अधिकारियों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने को कहा। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत उठाए गए विभिन्न मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि उक्त अधिनियम के तहत 01 अप्रैल, 2021 से 30 नवंबर, 2021 तक 21 पीड़ितों को राहत प्रदान करने के लिए 14 लाख 75 हजार रुपए की राहत राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों को दूसरी किस्त जारी करने के लिए पुलिस विभाग चालान की काॅपी तीन दिन के भीतर विभाग को भेजे, ताकि समय रहते दूसरी किस्त भी पीड़ितों को जारी की जा सके। 
डीसी ने बताया कि अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं के अंतर्गत पीड़ितों को न्यूनतम एक लाख तथा अधिकतम 8 लाख 25 हजार रुपए की राहत राशि देने का प्रावधान है। बैठक में विधायक राकेश सिंघा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा, जिला न्यायवादी रंजीत सिंह परमार, कार्यकारी जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा, जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। 

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