शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार सदन में विपक्ष के हर मुद्दे का जवाब देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष अगर मुद्दे लेकर सदन में आएगा तो सरकार उन पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सवाल पूछना और सरकार का जवाब मांगना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन केवल हंगामा करने से कोई फायदा नहीं होगा।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के सदस्य सदन में आएंगे, जोर-जोर से नारे लगाएंगे और वेल में जाएंगे, लेकिन सरकार मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी भी मुद्दे पर चर्चा की मांग करे, मंत्री और सरकार के सदस्य उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं।
मानसून सत्र की अवधि को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के समय कभी 10 दिन का मानसून सत्र नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो सत्र की अवधि और बढ़ाने की मांग कर सकती है, लेकिन सदन में वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
‘पेपर नहीं हुए तो लीक कहां से होंगे’ बयान पर सीएम का पलटवार
हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के इस बयान पर कि जब हिमाचल में पेपर ही नहीं हुए तो पेपर लीक कहां से होंगे, पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार भर्तियां हो रही हैं और युवा सरकारी नौकरियां ज्वाइन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में जेबीटी, लेक्चरर और सहायक स्टाफ नर्स के परिणाम निकले हैं। इसके अलावा सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के परिणाम भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार सीबीएसई स्कूलों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, गणित और वाणिज्य जैसे विषयों के शिक्षकों की भर्ती में मेरिट 70 से 80 प्रतिशत के बीच जा रही है। उन्होंने कहा कि स्टाफ नर्स के 699 पदों के परिणाम में भी न्यूनतम मेरिट करीब 80 प्रतिशत तक गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का हिस्सा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को व्यवस्था परिवर्तन नजर नहीं आएगा, क्योंकि वह सत्ता में रहना चाहता है। सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की व्यवस्था को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी पेपर लीक करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और उसे जेल भी जाना पड़ेगा।
कैबिनेट विस्तार पर फैसला हाईकमान से दूसरी दौर की चर्चा के बाद होगा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर फिर बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर एक दौर की चर्चा हो चुकी है और अभी दूसरे दौर की चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हाईकमान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के बाद जल्द ही कैबिनेट विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक को लेकर कहा कि वह भी दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर हाईकमान के साथ बातचीत के बाद ही अंतिम फैसला होगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि जल्द ही प्रदेश में कैबिनेट विस्तार कर दिया जाएगा।
आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के पद घटाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों के कैडर को कम करने को लेकर भी बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जरूरत से ज्यादा अधिकारियों के पद हैं, जबकि सभी अधिकारियों की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे प्रदेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस कैडर के पदों को 153 से घटाकर 130 किया जा रहा है। इसी तरह आईएफएस कैडर के पदों को 118 से घटाकर 83 किया जाएगा। आईपीएस कैडर के पदों में भी कमी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अधिकारियों की जरूरत है, लेकिन यह संख्या एक सीमा के भीतर होनी चाहिए। जरूरत से अधिक अधिकारियों की नियुक्ति से सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। इसलिए सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जरूरत के मुताबिक व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैडर को कम करने का फैसला प्रदेश की जरूरत और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से प्रशासनिक व्यवस्था को सही दिशा में ले जाना जरूरी है और सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
