शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के महासचिव महेश्वर चौहान ने कहा कि हिमाचल सरकार टीकाकरण का राजनीतिकरण बंद करे। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से 44 वर्ष के युवाओं को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर पंजीकरण की क्रमांक संख्या (सूची) की वरीयता के मुताबिक वैक्सीन की डोज़ लगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, राज्य के युवा वर्ग के प्रति गंभीर नहीं है।
चौहान ने कहा कि जहां प्रदेश में इस आपदा के वक्त विदेशी मदद तक प्राप्त हो रही है, लेकिन प्रदेश सरकार कोरोना से निपटने में हर मोर्चे पर विफल रही है और अब टीकाकरण की मुहिम को भी अव्यवस्था की भेंट चढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार फर्जी आंकड़ों के आधार पर समाचार पत्रों के माध्यम से ऐसा दिखाने का प्रयास कर रही है कि वह कोरोना से निपटने के मामले में अव्वल है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज छोटे से प्रदेश की कोरोना में मृत्यु दर देश की मृत्यु दर से अधिक है और कोरोना से स्वस्थ होने वाले लोगों की दर भी पूरे देश की दर से कम है। ऐसे में निश्चित रूप से आज प्रदेश की स्थिति बड़ी चिंता का विषय है।
महेश्वर चौहान ने कहा कि सरकार टीकाकरण को लेकर गंभीर नहीं है। प्रदेश को अभी 72-73 लाख वैक्सीन की डोज़ की ज़रूरत है और जिस गति से टीकाकरण का कार्य चल रहा है तो कई वर्ष लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत ज़्यादा से ज़्यादा वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए ठोस नीति का निर्धारण करना चाहिए, ताकि प्रदेशवासियों वक्त रहते वैक्सीन की डोज़ लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत टीकाकरण की नीति में बदलाव करे और पारदर्शिता के साथ “पहले आओ-पहले पाओ” पंजीकरण की वरीयता सूची के मुताबिक टीकाकरण करे।
